SIR फॉर्म भरने में लगे साले-भांजे..पर फिर भी नहीं बची जान, इस कारण ज्यादा बढ़ गया था सर्वेश सिंह का तनाव

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सआईआर की फीडिंग का कार्य पूरा नहीं होने के कारण तनाव में आए मुरादाबाद में बीएलओ सर्वेश सिंह को किसी अनहोनी से बचाने के लिए परिजन और रिश्तेदार हर संभव प्रयास करते रहे। उनकी पत्नी बबली, भांजा जितेंद्र कुमार और साला अरुण पिछले चार दिन से दिनरात एसआईआर का काम करते रहे। 70 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा भी हो गया, बावजूद इसके सर्वेश सिंह पत्नी, भांजे और साले को सोता छोड़कर चले गए और उन्होंने जान दे दी।

भोजपुर के बहेड़ी ब्रह्मनान निवासी सहायक अध्यापक सर्वेश सिंह को सात अक्तूबर को बीएलओ बनाया गया था। सर्वेश सिंह की पत्नी बबली ने बताया कि वह पहली बार बीएलओ बने थे। उन्होंने शुरुआत में खुद ही एसआईआर का डाटा फीड किया। 

BLO Sarvesh Singh tension increased as the last date for SIR feeding was approaching in moradabad

उन्होंने घर-घर जाकर एसआईआर के लिए दस्तावेज इकट्ठा किए। किसी घर में फोटो नहीं मिल पा रहे थे तो कोई दस्तावेज देने को तैयार नहीं हो रहा था। जो वोटर बनाए जाने हैं उनमें कोई शादी में जाने की बात कहकर फोन काट रहा था तो कोई अपने दादा, पापा और भाई पर अपने दस्तावेज होने की बात कह रहा था।

 

जिस कारण सर्वेश सिंह घर में आकर रोज अपनी परेशानी बयां कर रहे थे। उन्हें तनाव बढ़ता रहा था। सर्वेश सिंह की परेशानी को देखते हुए उनकी बीएससी एमएड, टीईटी उत्तीर्ण पत्नी बबली भी उनके साथ डाटा फीडिंग के कार्य में जुट गई थीं लेकिन पति-पत्नी भी ज्यादा काम आगे नहीं बढ़ा पा रहे थे।

 

बबली ने अपने भाई अरुण कुमार और भांजे जितेंद्र कुमार को भी मदद के लिए बुला लिया। जितेंद्र ने बताया कि वह चार दिन से मामा के साथ एसआईआर काम कर रहे थे। वह शनिवार को उनके साथ बूथ पर भी गया और वहां से लोगों के दस्तावेज इकट्ठा किए। अरुण, जितेंद्र और बबली ने रात 12 बजे तक 70 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा कर दिया था बावजूद इसके सर्वेश सिंह का तनाव कम नहीं हुआ और उन्होंने फंदे पर लटककर जान दे दी।

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प्रशासन नौकरी, बेटियों की शादी के लिए पांच करोड़ दे
शिक्षक सर्वेश सिंह की मौत के बाद परिवार का रोते-रोते बुरा हाल हो गया है। शिक्षक की तहेरी बहन लक्ष्मी ने कहा कि सर्वेश सिंह की चार छोटी बेटियां हैं। उनका आरोप है कि जिला प्रशासन की वजह से मेरे भाई की मौत हुई है। इसलिए जिला प्रशासन मेरी भाभी को नौकरी और बच्चों की परवरिश और शादी के लिए पांच करोड़ रुपये दे। 

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मैं तो पागल हो गई, बच्चों को अब कौन संभालेगा
शिक्षक सर्वेश सिंह की बूढ़ी मां सोमती ने रोते हुए कहा कि मेरा लाल इस दुनिया से चला गया। मैं तो उसकी लाश देखकर पागल हो गई। अब उसके बच्चों को कौन संभालेगा। कल उससे बात भी नहीं कर सकी। जानती थी कि उसके सिर पर परिवार के साथ विभागीय कार्यों का काफी बोझ है। मुझसे ये सहन नहीं हो रहा है। हे, भगवान आपने ये क्या कर दिया मेरे साथ।

 

भाई को बचपन में पाला पोसा अब सब कुछ खत्म हो गया
सर्वेश सिंह की बहन राजबाला ने बताया कि सुबह भाई की मौत की सूचना मिलते ही वह सुध खो बैठी। वह अपने ससुराल से तत्काल मायके पहुंची। सगे भाई का चेहरा देखकर महसूस हुआ कि मेरा सब कुछ खत्म हो गया। सर्वेश को उसने बचपन में पाला पोसा था। भाई की मौत ने उसे अंदर से तोड़कर रख दिया है। समझ में नहीं आता कि छोटे-छोटे बच्चों की परवरिश अब कैसे होगी।

 

रात में सिर्फ एक ही रोटी खाई थी
सर्वेश सिंह की पत्नी बबली ने बताया कि रात में 12 बजे मेरे पति ने एक ही रोटी खाई थी। पूछने पर उन्होंने कहा कि भूख नहीं लग रही है। तनाव बहुत ज्यादा है। काम पूरा नहीं होगा तो अधिकारी निलंबित कर देंगे। पत्नी ने ढांढस बंधाया कि कोई चिंता की बात नहीं है। सस्पेंड होने के बाद भी ठीक हो जाएगा, एक रोटी और खा लीजिए, लेकिन उन्होंने खाने से इनकार कर दिया। देर रात गहरी नींद आ गई।

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तीन बजे नींद टूटी तो वह पति को ढूंढने लगी। पति को फंदे पर लटका देखकर चीख निकल गई और बेहोश हो गई। पत्नी ने बताया कि एसआईआर अभियान की वजह से वह एक सप्ताह से परेशान थे। बात बहुत कम करते थे। बड़ी बेटी अनन्या का कहना है कि रात में उसकी बात पापा से हुई थी।

 

90 गणना फॉर्म हो गए थे गायब, सस्पेंड करने और वेतन रोकने की मिल रही थी चेतावनी
परिवार के लोगों का कहना है कि सर्वेश सिंह जब से बीएलओ बनाए गए थे तब से ही परेशान चल रहे थे। उनकी परेशानी तब और बढ़ गई जब उनके 90 फॉर्म कहीं गायब हो गए। इसके बाद उन्होंने गायब फॉर्मों को काफी तलाशने का प्रयास किया लेकिन फॉर्म नहीं मिल रहे थे।

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सर्वेश सिंह के साले अरुण कुमार और भांजे का कहना है कि उनके अधिकारी लगातार उन्हें धमकियां दे रहे थे कि अगर फार्म नहीं मिलेंगे तो तुम्हारा वेतन रुक जाएगा और सस्पेंड कर दिए जाओगे। एसआईआर का कार्य चार दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था जबकि फार्म लापता होने से उनकी बेचैनी बढ़ रही थी।

 

सीएमओ की मौजूदगी में पैनल ने किया पोस्टमॉर्टम
सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह की मौजूदगी में डॉ. शोभित शर्मा और डॉ. गिरीश राणा के पैनल ने बीएलओ सर्वेश सिंह के शव का पोस्टमॉर्टम किया। इस दौरान डिजिटल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई।


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