केंद्र सरकार की अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। विभागीय जांच में गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद जिले के 19 स्कूल, कॉलेज और निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ सिडकुल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गौड ब्लैस पब्लिक स्कूल (सहदेवपुर), एमजी पब्लिक स्कूल (अहमदपुर ग्रांट), एएसएन इंटर कॉलेज (धीरवाली, ज्वालापुर), सैनी प्राइवेट आईटीआई (बहादराबाद), जय भारती प्राइवेट आईटीआई (पर्दाथा उर्फ धनपुरा), एसबीएन प्राइवेट आईटीआई (टिक्कमपुर), आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर (मुस्तफाबाद), विश्व भारती पब्लिक स्कूल (गाडोवाली), मदरसा नूर-ए-हसन (हरिद्वार), जय भारत पीएस (बिंदुखड़क), हन्नू आईटीआई (भगवानपुर), रेडियंस एकेडमी (नेहंदपुर सुठारी, लक्सर), रामतीर्थ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (रहमतपुर, रुड़की), रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (पुहाना), महर्षि दयानंद प्राइवेट आईटीआई (धनौरी), संस्कृति पब्लिक स्कूल (भौरी, रुड़की), फोनिक्स स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड बिजनेस (कांजेल इमलीखेड़ा), एसडीपीसी गर्ल्स इंटर कॉलेज (रुड़की) और ओम इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन (बढ़ेड़ी राजपूताना, रुड़की)।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की शिकायत के आधार पर 19 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता के तथ्य सामने आए हैं। मामला बड़ी धनराशि से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। इसकी निष्पक्ष और गहन जांच के लिए सीओ सदर एस.पी. बलूनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।






