ऋषिकेश: बजरंग सेतु बनकर तैयार, लगा करीब 4 वर्ष का समय, शासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार

Spread the love

टिहरी और पौड़ी जनपद की सीमा को जोड़ने वाला बजरंग सेतु बनकर लगभग तैयार हो गया है। लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर को पुल का उद्घाटन के लिए शासन से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। हरी झंडी मिलते ही यह पुल जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।

 

16 अप्रैल 2022 को ऐतिहासिक लक्ष्मणझूला पुल को सुरक्षा दृष्टिगत अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया था। आईआईटी रुड़की की रिपोर्ट के मुताबिक पुल की तारें पूरी तरीके से जर्जर हो चुके थे। लगातार आवागमन की स्थिति में पुल कभी भी गिर सकता था।

इसके बाद डीएम टिहरी ने आदेश जारी कर 16 अप्रैल को पुल अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया था। लक्ष्मणझूला पुल के समीप वर्ष 2022 में लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर की ओर से बजरंग सेतु का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। करीब 69.20 करोड़ की लागत से बनने वाला पुल 132.30 मीटर लंबा और पांच मीटर चौड़ा है। पुल के दोनों साइड में डेढ़-डेढ़ मीटर का 65 मिमी की मोटाई वाला पारदर्शी कांच का फुटपाथ बन गया है।
 

प्रवेश द्वार की आकृति केदारधाम जैसी बन गई है। पुल पर हल्के चौपहिया वाहनों की भी आवाजाही होगी। लोनिवि की ओर से पुल का कार्य 97 प्रतिशत हो गया है। पुल के उद्घाटन के लिए विभाग को अभी तक शासन स्तर से हरी झंडी नहीं मिल रही है।

वैकल्पिक तौर पर बजरंग सेतु पर करीब तीन माह पहले से स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो चुकी है, लेकिन पुल पर दोपहिया वाहन प्रतिबंध होने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को परेशानी हो रही है।

और पढ़े  पौड़ी- SIR: पौड़ी की वोटर लिस्ट में सामने आईं बड़ी खामियां, 1.58 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ी

विभागीय स्तर पर पुल का निर्माण कार्य लगभग तैयार हो चुका है। शासन स्तर से उद्घाटन की अनुमति मिलनी है। शासन स्तर से अनुमति मिलते ही पुल जनता के लिए समर्पित कर दिया जाएगा।
– प्रवीरण करनवाल, अधिशासी अभियंता लोनिवि नरेंद्रनगर


Spread the love
  • Related Posts

    उत्तराखंड हाईकोर्ट- राज्य में शराब की नई दुकानें खोले जाने पर रोक लागू रहेगी

    Spread the love

    Spread the loveउत्तराखंड उच्च न्यायालय ने आबकारी आयुक्त के बयानों के आधार पर यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की आबकारी नीति के तहत अब नई मदिरा की दुकानें…


    Spread the love

    उत्तराखंड: मतदाता सूची में हैरान करने वाली गड़बड़ियां, 2 लाख के माता-पिता नाबालिग, 92 हजार के दादा जवान

    Spread the love

    Spread the loveउत्तराखंड में दो लाख मतदाता ऐसे हैं जिनके माता-पिता नाबालिग हैं। वहीं, 92 हजार मतदाताओं के दादा जवान हैं। ये हम नहीं कह रहे, चुनाव आयोग के एसआईआर…


    Spread the love