मध्य प्रदेश के उज्जैन में देवास रोड पर स्थित ‘होटल श्री गंगा’ में शनिवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। होटल के वेस्ट चेंबर (कचरा टैंक) की सफाई के दौरान कथित तौर पर जहरीली गैस की चपेट में आने से चार कर्मचारियों की मौत हो गई। वहीं, उन्हें बचाने के प्रयास में चेंबर में उतरे दो अन्य लोग भी बीमार पड़ गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, होटल के कर्मचारी और कुछ अन्य लोग बचे हुए खाने और कचरे को इकट्ठा करने वाले चेंबर में उतरे थे। संभवतः इस दौरान वहां अचानक गैस का रिसाव हुआ, जिसकी वजह से फर्श पर अत्यधिक फिसलन हो गई और कर्मचारी बेहोश होकर गिर पड़े। एसपी ने बताया कि अंदर गिरे लोगों की मदद के लिए जो अन्य लोग चेंबर में घुसे, वे भी बेहोश हो गए। सूचना मिलने पर रेस्क्यू अभियान चलाकर लोगों को बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल भेजा गया। पुलिसकर्मियों ने कर्मचारियों को होश में लाने के लिए मौके पर ही सीपीआर भी दिया। बचाए गए लोगों की हालत स्थिर है, जबकि चार लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
जिले के कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि होटल परिसर में खाने के कचरे का एक टैंक है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पहले दो लोग सफाई के लिए टैंक में उतरे थे। इसके बाद उन्हें बचाने के चक्कर में दो और लोग अंदर चले गए। कलेक्टर ने पुष्टि की कि इस हादसे में कुल चार लोगों की मौत हो चुकी है। यह घटना किन परिस्थितियों में हुई और पूरा मामला क्या था, इसको लेकर प्रशासन जानकारी जुटाने में लगा है।








