PM Modi IN Dehradun:- उत्तराखंड के लिए अभी बहुत कुछ है गडकरी के पिटारे में, जल्द ही फिर मिलेगी बड़ी सौगात

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केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखंड के विकास को नई गति देगा। विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण करना है, जो इस परियोजना में किया गया। उत्तराखंड में 80 हजार करोड़ की परियोजना की डीपीआर बनाई जा रही है। जून माह में सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक छह लेन सड़क का उद्घाटन किया जाएगा। जबकि 1650 करोड़ की पांवटा साहिब-देहरादून फोरलेन का काम अगले माह शुरू हो जाएगा।

 

गडकरी ने कहा, केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में करीब एक लाख 30 हजार करोड़ की परियोजना स्वीकृत हुई हैं। इसमें 25 हजार करोड़ के काम पूरे किए गए। 35 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। 80 हजार करोड़ की परियोजना की डीपीआर बनाई जा रही है। सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किलोमीटर छह लेन सड़क का उद्घाटन इसी साल जून माह में होगा। 1600 करोड़ की लागत से हरिद्वार में फोरलेन ग्रीन फील्ड बाईपास फेज-एक अक्तूबर 2026 तक पूरा हो जाएगा, जिससे हरिद्वार व ऋषिकेश जाने में यातायात जाम की समस्या दूर होगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने 1100 करोड़ की लागत से ऋषिकेश बाईपास परियोजना को भी मंजूरी प्रदान कर दी है, इस पर अगस्त तक काम शुरू हो जाएगा।

गडकरी ने कहा, 1050 करोड़ की लागत से 21 किमी. लंबा रुद्रपुर में फोरलेन बाईपास इसी साल अक्तूबर व 936 करोड़ की लागत से 15 किमी. लंबा काशीपुर से फोरलेन बाईपास दिसंबर 2026 में पूरा होगा। इसके अलावा 716 करोड़ की लागत से 12 किमी. लंबा देहरादून-झाझरा-आशारोड़ी फोरलेन एलिवेडेट सड़क अप्रैल 2027 और 745 करोड़ की लागत से 20 किमी. लंबा भानियावाला, जौलीग्रांट से ऋषिकेश तक फोरलेन मार्ग अप्रैल 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया। 800 करोड़ की लागत से श्रीनगर में भी डबल लेन बाईपास की भी डीपीआर बनाई जा रही है।

गडकरी ने कहा पहले मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल और चीन से होकर जाना पड़ता था, लेकिन अब 5200 करोड़ की लागत से टनकपुर-पिथौरागढ़ होकर लिपुलेख तक मार्ग बनाया जा रहा है। 370 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में से करीब 200 किमी. का काम पूरा हो चुका है। 12 हजार करोड़ की लागत से निर्माणाधीन 825 किमी लंबी चारधाम सड़क परियोजना में 640 किमी. का काम पूरा हो चुका है। 1300 करोड़ की लागत से रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक का कार्य दिसंबर 2026 तक शुरू किया जाएगा। गंगोत्री धाम जाने के लिए 142 किमी. का काम पूरा हुआ है और बाकी 100 किमी. का काम चरणबद्ध तरीके किया जा रहा है। यमुनोत्री धाम में 2500 करोड़ की लागत से धरासू से यमुनोत्री तक 46 किमी. का काम पूरा हो चुका है तथा 30 किमी. का काम अप्रैल, 2028 तक पूरा हो जाएगा। चार हजार करोड़ से सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे और 2730 करोड़ से गोंविदघाट से हेमकुंड साहिब रोपवे निर्माण किया जाएगा।

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