हल्द्वानी: विकास कार्य के नाम पर खोदकर छोड़ दिए मौत के गड्ढे, करोड़ों की परियोजना में सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवाल

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ल्द्वानी शहर में सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों से गुजरना खतरे से खाली नहीं रह गया है। विकास कार्य के नाम पर खोदे गए मौत के गड्ढे कब किस की जान ले लें पता नहीं। इन्हीं के पास बदहाल पड़ीं सड़कें भी संतुलन बिगाड़ रही हैं और लोग वाहन से कुचलकर काल के गाल में समा रहे हैं।

 

डीबी वित्त पोषित योजना के तहत उत्तराखंड अरबन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) शहर में करीब 1436 करोड़ की लागत से सीवरेज और पेयजल के कार्य करा रहा है। तीन पैकेज में यह काम कराया जा रहा है। करोड़ों की लागत वाले यह कार्य दिल्ली, राजस्थान और गुजरात की बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपे गए हैं। सूत्रों के अनुसार इन कंपनियों के संचालकों की पहुंच ऊपर तक है।

यही कारण है कि कुमाऊं आयुक्त तक के निर्देशों का पालन नहीं हो पा रहा है और डेढ़ माह में शहर के व्यस्ततम इलाकों में लोगों ने जान गवां दी हैं। इन हादसों के बावजूद न तो सिस्टम जागा और न ही प्रशासन में बैठे आलाधिकारी। काम वहीं सुस्ती से होता रहा।

लापरवाही 01

काठगोदाम काॅलटैक्स से मुखानी को जाने वाले नहर कवरिंग मार्ग और शीशमहल के पीछे वाले क्षेत्र में जल निगम की ओर से सीवर लाइन का काम किया जा रहा है। विभागों के आपसी तालमेल न होने के कारण यहां दो बार सड़क खोदनी पड़ी। पहली बार में सड़क खोदने पर पता चला कि वहां पेयजल लाइन गुजर रही है। इस पर उसे पाट दूसरा गड्ढा खोदा गया। इस गड्ढे में को करीब 10 फुट गहराई में खोदा गया है। यहां चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग न होने के कारण बीते दिनों एक बाइक सवार हादसे का शिकार हो गया।

लापरवाही 02

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पनचक्की-मुखानी मार्ग पर जहां रविवार को दोपहर में सड़क हादसा हुआ। उसके 50 मीटर के दायरे में तीन जगह सीवरेज के लिए सड़क खोदी गई है। कार्यदायी संस्था के अनुसार इस लाइन को टनल के जरिये जोड़ा जा रहा है ताकि सड़क ज्यादा न खोदनी पड़े। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब दो माह पहले सड़क खोदी गई है। भीड़भाड़ वाले इलाके में सड़क का यह हाल हादसों को दावत दे रहा है। जहां ये गड्ढे खोदे गए हैं उसके आसपास भी सड़क जर्जर है। यदि कोई रपटा तो सीधे गड्ढे में ही घुसेगा।

लापरवाही 03

पीलीकोठी से नीम का पेड़ तिराहा तक सीवरेज के लिए लाइन बिछाई जा रही है। बीती 20 फरवरी से अब तक मात्र 400 मीटर काम पूरा हो पाया है। कार्यदायी संस्था की ओर से जैसे-जैसे काम पूरा हो रहा है गलियों के लिंक मार्ग खोल दिए जा रहे हैं लेकिन ये मार्ग पहले से ही बदहाल पड़े है। रविवार को इस मार्ग पर जेसीबी से लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी जा रही थी लेकिन देखरेख के लिए कोई सक्षम अधिकारी वहां नहीं पहुंचा था। सबसे गंभीर बात यह है कि वहां बैरिकेडिंग तक नजर नहीं आई।

लापरवाही 04

कठघरिया चौराहे से पनचक्की चौराहे की ओर नहर कवरिंग का कार्य जारी है। यहां नहर खोदकर मिट्टी और पत्थर से सड़क को पाटा गया है। यहां न कोई बैरिकेडिंग है और ना ही सुरक्षा के अन्य उपाय के इंतजाम है। विभाग के चेतावनी की फ्लैक्स को सड़क किनारे खड़े कर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली है। ऐसे में हर वक्त हादसे का अंदेशा बना रहता है। वाहनों की आवाजाही से उड़ती धूल ने भी लोगों को परेशान कर रखा है।

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