चमोली टनल हादसा- एक और श्रमिक का शव बरामद, मृतकों की संख्या हुई 8

विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई। तीन मजदूरों की तलाश अब भी जारी है। जानिए …

 

 

 

22 श्रमिकों में से 12 को बाहर निकाला जा चुका

रेस्क्यू के दौरान श्रमिक देवनाथ को टनल से बाहर निकाला गया, लेकिन चिकित्सकों ने स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रशासन के अनुसार, कुल 22 श्रमिकों में से 12 को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि आठ श्रमिकों की मौत हो चुकी है और दो श्रमिकों की तलाश जारी है। मंत्री ने टनल से पानी निकालने, मशीनरी और तकनीकी संसाधनों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने रेस्क्यू टीमों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और जल निकासी का काम तेज करने के निर्देश दिए। मदन कौशिक ने कहा कि सरकार रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को श्रमिकों के परिजनों को समय-समय पर सही और प्रमाणिक जानकारी देने के निर्देश भी दिए। मौके पर जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश समेत संबंधित अधिकारी और रेस्क्यू टीमों के सदस्य मौजूद रहे।

टीएचडीसी टनल में रेस्क्यू अभियान जारी, मंत्री मदन कौशिक ने लिया जायजा

हाट-सियासैण, मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान का जायजा लिया और अधिकारियों से इसकी प्रगति की जानकारी ली। मंत्री ने रेस्क्यू टीमों को सभी उपलब्ध संसाधनों और मशीनरी का बेहतर समन्वय करते हुए अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टनल में फंसे हर श्रमिक की जान बेहद महत्वपूर्ण है और सभी को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की प्राथमिकता है।

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शुरुआत से ही विवादों से घिरी रही विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना

टीएचडीसी की 444 मेगावाट की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना शुरुआत से ही विवादों में रही है। परियोजना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण, विस्थापन और स्थानीय धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों पर प्रभाव को लेकर ग्रामीण विरोध जताते रहे हैं। कुछ प्रभावित परिवार आज भी न्यायालय की शरण में हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना निर्माण में उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया और पर्यावरणीय पहलुओं की अनदेखी हुई। वर्ष 2009 में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होने पर स्थानीय लोगों ने विरोध किया। उनकी आपत्तियों को महत्व नहीं दिया गया। वर्ष 2011 में हाट गांव के करीब 140 परिवारों को विस्थापित किया गया।

 

24 घंटे फील्ड में मुस्तैद रहे अधिकारी : मदन कौशिक

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने  राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल हादसे में बचाव व राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 24 घंटे फील्ड में मुस्तैद रहें। किसी भी स्तर पर राहत व बचाव कार्य में कोई कमी नहीं होना चाहिए। मंत्री कौशिक ने घायलों के उपचार की स्थिति की जानकारी लेते हुए उनके समुचित उपचार व आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कहा कि मृतकों के शवों को पूरे सम्मान के साथ उनके गृह क्षेत्रों तक पहुंचाया जाए। आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावितों के साथ खड़ी है। सरकार का प्रयास है कि प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

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