देहरादून: 8 मार्च को होगा श्री झंडे जी का आरोहण, 10 को परिक्रमा, आस्था, श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक

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स्था, श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक श्री झंडे जी का आरोहण इस बार आठ मार्च को होगा। साथ ही श्री झंडे जी मेला भी शुरू हो जाएगा। इससे पहले पांच मार्च को गिलाफ सिलाई का काम शुरू होगा। इसके बाद 10 मार्च को नगर परिक्रमा निकाली जाएगी। श्री झंडे जी का आरोहण हर साल होली की पंचमी तिथि को किया जाता है।

शनिवार को श्री झंडे जी मेले का कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया। मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने बताया कि मेला इस बार आठ मार्च को आरोहण के साथ शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगा। सबसे पहले 25 फरवरी को श्री दरबार साहिब के प्रतिनिधि सुबोध उनियाल पंजाब की पैदल संगत के लिए बिहलौलपुर के महंत वियंतदास के नाम का हुकुमनामा श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज के हस्ताक्षर कराकर बड़ागांव लेकर जाएंगे। 27 फरवरी को श्रीमहंत पैदल संगत के स्वागत के लिए अराईयांवाला जाएंगे।

एक मार्च को श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज पैदल संगत के साथ श्री दरबार साहिब में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही संगत का आना भी शुरू हो जाएगा। पांच मार्च को गिलाफ सिलाई के साथ ही पवित्र ध्वजदंड को बांबेबाग से श्री दरबार साहिब लाया जाएगा। सात मार्च को पूर्वी संगत की विदाई होगी। नौ मार्च को संगत दिनभर श्री दरबार साहिब में मत्था टेकेंगी।

आठ मार्च को दिनभर चलेगी प्रक्रिया, शाम को आरोहण

श्री झंडे जी का आरोहण आठ मार्च को किया जाएगा। सुबह आठ बजे से नौ बजे तक श्री झंडे जी को उतारा जाएगा। इसके बाद स्नान कराकर सादा गिलाफ, शनील गिलाफ चढ़ाने की प्रक्रिया होगी। इसके बाद श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज परिसर में सेवकों को आशीर्वाद देंगे और दर्शनी गिलाफ चढ़ाया जाएगा। शाम को चार से पांच बजे तक श्री झंडे जी का आरोहण होगा।

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दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का मौका मिलना प्रभु का आशीर्वाद : अनिल गोयल

श्री झंडे जी के आरोहण में सबसे मुख्य प्रक्रिया दर्शनी गिलाफ चढ़ाने की होती है। इस बार दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का मौका भी देहरादून के परिवार को मिला है। आठ मार्च को दून के पार्क रोड निवासी अनिल कुमार गोयल श्री झंडे जी पर दर्शनी गिलाफ चढ़ाएंगे। ऐसा कई साल बाद हो रहा है कि दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का मौका दून के परिवार को मिला है।

अनिल कुमार गोयल ने बताया कि उन्होंने करीब 22 साल पहले दर्शनी गिलाफ की बुकिंग कराई थी। इसके बाद अब उनका नंबर आया है। उन्होंने कहा कि दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का मौका मिलना प्रभु का आदेश है। इससे पहले वह शनील के गिलाफ भी चढ़ा चुके है। उन्होंने बताया कि जब पता लगा कि इस बार दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का मौका उन्हें मिला है तो परिवार में भी खुशी की लहर दौड़ पड़ी। बता दें कि 2025 में दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का मौका पंजाब के दो भाइयों को मिला था।


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