न्यूयॉर्क कैपिटल-टाइम्स स्क्वायर उड़ाने की थी साजिश: US ने नाकाम किया ISIS का बड़ा हमला, आरोपी महिला गिरफ्तार

अमेरिकी अधिकारियों ने अल्बानी स्थित न्यूयॉर्क कैपिटल पर कथित बम हमले की साजिश को नाकाम करते हुए 35 वर्षीय जेसिका बोवी को गिरफ्तार किया है। संघीय जांच ब्यूरो के अनुसार, वह आईएसआईएस के प्रति समर्थन जता चुकी थी, हमले के लिए सरकारी इमारतों की रेकी कर चुकी थी और विस्फोटक को भोजन पहुंचाने की सेवा के जरिए अंदर पहुंचाने की योजना बना रही थी। अधिकारियों ने बताया कि उसे एक निष्क्रिय विस्फोटक और नकली बंदूक दिए जाने के बाद न्यूयॉर्क कैपिटल के पास गिरफ्तार किया गया।

आतंकी संगठन को मदद देने की कोशिश का आरोप
बोवी को गुरुवार को गिरफ्तार किए जाने के बाद विदेशी आतंकवादी संगठन को मदद पहुंचाने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उसे न्यूयॉर्क की राजधानी अल्बानी की संघीय अदालत में पेश किया गया, जहां एक संघीय मजिस्ट्रेट ने उसे हिरासत में भेज दिया। उसके खिलाफ दायर शिकायत में संघीय जांच ब्यूरो ने कहा है कि करीब पांच साल पहले इस्लाम धर्म अपनाने के बाद बोवी ने ‘कुनिया’ यानी सम्मानसूचक इस्लामी नाम आयशा सैफ अपना लिया था। सामाजिक माध्यमों पर उसने 2001 में अल-कायदा के आतंकवादियों द्वारा किए गए 9/11 हमलों के समर्थन में पोस्ट किए थे।
सामाजिक माध्यमों पर अमेरिका विरोधी बयान
संघीय जांच ब्यूरो के अनुसार, बोवी ने कई अन्य अमेरिका विरोधी टिप्पणियां भी की थीं और आतंकवादी संगठनों के प्रति समर्थन जताया था। एक संघीय जांच ब्यूरो के मुखबिर ने उससे संपर्क किया। अदालत में दाखिल शिकायत के अनुसार, बातचीत के दौरान बोवी ने आतंकवादी हमला करने में रुचि दिखाई। उसने कथित तौर पर मुखबिर से कहा, ‘काफिरों का दिमाग उड़ा देना खूबसूरत है।’
आईएसआईएस प्रमुख के प्रति निष्ठा की शपथ का दावा
शिकायत के मुताबिक, अपनी प्रतिबद्धता साबित करने के लिए बोवी ने ‘विश्वासियों के कमांडर और मुसलमानों के खलीफा, मुजाहिद शेख अबू हाफा अल-हाशिमी अल-कुरैशी’ के प्रति पारंपरिक इस्लामी निष्ठा की शपथ यानी ‘बयाह’ पूरी कर ली है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वह इस्लामिक स्टेट आतंकी संगठन का प्रमुख है।

अल्बानी में सरकारी इमारतों की रेकी
संघीय जांच ब्यूरो की शिकायत के अनुसार, बोवी ने अल्बानी में कई इमारतों की रेकी की। इनमें गवर्नर का कार्यालय भी शामिल था। बाद में उसने न्यूयॉर्क कैपिटल को निशाना बनाने का फैसला किया, जहां राज्य की विधायिका का कामकाज होता है। मुखबिर ने उसकी मुलाकात दो अन्य मुखबिरों से कराई। इन दोनों ने बोवी के समर्थक होने का दिखावा किया और उसकी योजना में मदद करने की पेशकश की।

‘जितना संभव हो सके उतना नुकसान’ पहुंचाने की योजना
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बोवी ने दोनों से कहा कि वह ‘इमारत को जितना संभव हो सके उतना नष्ट करना और बैठक के दौरान राज्य के सीनेटरों को मारना’ चाहती है। उसने कहा कि जिस जोखिम का वह सामना कर रही थी, उसके बदले वह केवल एक या दो लोगों को मारना नहीं चाहती, बल्कि इससे कहीं अधिक बड़ा नुकसान करना चाहती है। संघीय जांच ब्यूरो के विशेष एजेंट क्रेग ट्रेमारोली ने पत्रकारों से कहा कि बोवी ‘सिर्फ सांसदों को मारना नहीं चाहती थी, बल्कि वह हमारी सरकार के विनाश की मंशा रखती थी।’

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टाइम्स स्क्वायर और व्हाइट हाउस भी निशाने पर
अदालत में दाखिल शिकायत के अनुसार, बोवी ने हमले के बाद भाग निकलने और देश से बाहर जाने के लिए विमान पकड़ने की इच्छा जताई थी, हालांकि उसे खुद भी यकीन नहीं था कि वह ऐसा कर पाएगी। उसने धमकी दी थी कि वह वापस लौटकर और हमले करेगी। इनमें नए साल की पूर्व संध्या पर टाइम्स स्क्वायर में हमला भी शामिल था। शिकायत के अनुसार, वह व्हाइट हाउस को भी निशाना बनाना चाहती थी, लेकिन उसका मानना था कि वहां हमला करना अधिक मुश्किल होगा।

भोजन पहुंचाने वाले थैले में विस्फोटक पहुंचाने की योजना
हमले की कथित योजना के तहत बोवी ने कहा था कि विस्फोटक को खाने की डिलीवरी के सामान के रूप में अंदर पहुंचाया जाएगा। इसके लिए उसने एक भोजन पहुंचाने वाली सेवा से थैला भी हासिल किया था। संघीय जांच ब्यूरो के मुताबिक, जब उसने वह सामग्री खरीद ली, जिसे मुखबिरों ने बम बनाने के लिए जरूरी बताया था, तो उन्होंने एक नकली विस्फोटक तैयार किया। यह वास्तव में निष्क्रिय था। इसके साथ उन्होंने बुधवार को उसे एक नकली बंदूक भी दी। अगले दिन, गुरुवार को उसे न्यूयॉर्क कैपिटल के पास गिरफ्तार कर लिया गया।

एक महीने में दूसरा मामला
न्यूयॉर्क राज्य में यह एक महीने से कुछ अधिक समय में किसी महिला की इस्लामिक आतंकवादी संगठनों से कथित संलिप्तता का दूसरा मामला है। जून के अंत में कनाडा की सीमा के पास स्थित आयरनडेक्वॉइट कस्बे में 37 वर्षीय कैथरीन बेथ वॉशबर्न को गिरफ्तार किया गया था।

क्रिप्टोकरेंसी के जरिए कथित आतंकी फंडिंग
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, वॉशबर्न पर आरोप है कि उसने फिलिस्तीनी मुक्ति के लिए प्रत्यक्ष कार्रवाई आंदोलन को समर्थन देने के लिए 30,116 अमेरिकी डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी भेजी थी। अमेरिका इस संगठन को एक आतंकवादी संगठन के रूप में मान्यता देता है।
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