नाबालिग से दुष्कर्म प्रकरण के आरोपी भवाली निवासी व्यापारी नेता नरेश पांडे को शुक्रवार को जिला कोर्ट से राहत नहीं मिली। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो (एफटीएससी) एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर तोमर की अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अभियोजन की ओर से न्यायालय को बताया गया कि आरोपी के खिलाफ पॉक्सो समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है। पीड़िता ने 12 जुलाई 2026 को मल्लीताल थाने में तहरीर दी। कहा कि वर्ष 2025 में डीएसबी कॉलेज में प्रवेश लेने के दौरान उसकी पहचान सह-अभियुक्ता से हुई। उसने अक्तूबर 2025 में उसे काठगोदाम के एक होटल में नरेश पांडे से मिलवाया जहां आरोपी ने उसकी इच्छा के विरुद्ध उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता की नामजद तहरीर, विवेचक और मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान, चिकित्सा अभिलेख, आरोपी की भूमिका और आपराधिक इतिहास के अवलोकन के बाद न्यायालय ने कहा कि प्रथमदृष्टया मामला गंभीर प्रकृति का है। यह पॉक्सो अधिनियम सरीखे विशेष कानून के तहत नाबालिग के यौन शोषण से जुड़ा है। इन आधारों पर न्यायालय ने आरोपी नरेश पांडे की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।








