केरल की एक विशेष पोक्सो अदालत ने एक महिला और उसके प्रेमी को 180 साल जेल की सजा सुनाई है। दोनों को यह सजा 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में सुनाई गई है। अभियोजक ने बताया कि महिला का प्रेमी दो साल से बच्ची के साथ दुष्कर्म कर रहा था, जबकि महिला उसकी मदद कर रही थी।
महिला ने अपनी बेटी के ही दुष्कर्म में प्रेमी का दिया साथ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला शादीशुदा है और कुछ समय पहले तक वह अपने पति और बेटी के साथ तिरुवनंतपुरम में रहती थी। इसी दौरान महिला एक अन्य व्यक्ति के संपर्क में आई और दोनों के बीच विवाहोत्तर संबंध बन गए। इसके बाद महिला ने अपने पति को छोड़ दिया और वह अपने प्रेमी और 12 साल की बेटी के साथ पलक्कड़ और मल्लापुरम में साल 2019 से लेकर 2021 के बीच किराए के मकान में रही।
इस दौरान महिला के प्रेमी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और कथित तौर पर बच्ची की मां ने भी दुष्कर्म में अपने प्रेमी का साथ दिया। पीड़ित बच्ची को शराब पीने के लिए मजबूर किया जाता था। अभियोजक ने बताया कि महिला औऱ उसके प्रेमी ने बच्ची को डराया-धमकाया और दुष्कर्म की घटनाओं के बारे में किसी को भी न बताने की धमकी दी। दोनों दो साल तक बच्ची का शोषण किया।
अदालत ने दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया
पोक्सो विशेष अदालत के जज अशरफ एएम ने दोनों को पोक्सो कानून की विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया। हर धारा में दोनों को 40-40 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही अदालत ने दोनों पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने कहा कि अगर दोनों जुर्माने की रकम अदा नहीं करते हैं तो दोनों को 20 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सरकारी वकील ने बताया कि पोक्सो कानून के तहत किसी महिला को मिली यह सबसे कठोर सजा है।







