दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे देश को कवर कर लिया है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में फिलहाल मानसून पर ब्रेक लग गया है। बारिश थम गई है और 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान वाली गर्मी लौट आई है और उमस भी बेचैन करने लगा है। इस मुश्किल से अभी कम से कम इस हफ्ते तो राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। वहीं, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में घनघोर बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। अरुणाचल प्रदेश में एक लाख से अधिक लोग बारिश और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि मिजोरम में भूस्खलन ने परेशानियां बढ़ा दी है।
हिमाचल में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मंगलवार को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में दिनभर धूप खिली रही। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। लेकिन, लाहौल-स्पीति और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई। जुलाई महीने में हुई इस बर्फबारी ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आकर्षित किया है। ऊंचे क्षेत्रों में तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई है।






