लालकुआँ: लालकुआँ स्टोन क्रेशर में अवैध रूप से गड्ढे खोदकर निकाला जा रहा है उपखनिज,जिम्मेदारों की चुप्पी से कार्यप्रणाली पर उठ रहे है सवाल।

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लालकुआँ स्टोन क्रेशर में अवैध रूप से गड्ढे खोदकर निकाला जा रहा है उपखनिज”खोदे गए गड्ढों को पेपर मिल से निकलने वाली केमिकल युक्त राख से भरकर कर किया जा रहा है एनजीटी के नियमों को तारतार”जिम्मेदारों की चुप्पी से कार्यप्रणाली पर उठ रहे है सवाल।

लालकुआँ हल्दूचौड़ राष्ट्रीय राजमार्ग में स्थित एक आकृति नैचुरल प्रोडेक्ट द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों की हीलाहवाली का लाभ लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के नियमों की अनदेखी करते हुए स्टोन क्रेशर परिसर में विशालकाय गड्ढे खोदकर उपखनिज निकाल कर गड्डे को पेपर मिल की केमिकल युक्त राख से भरे जाने का मामला प्रकाश में आया है। जिम्मेदार महकमों के पर्यावरण संरक्षण और अवैध खनन पर अंकुश लगाए जाने को लेकर किए जा रहे तमाम दावों के बीच स्टोन क्रेशर द्वारा जहां बेतरतीब गड्डे खोदकर भारी मात्रा में अवैध उपखनिज बेचे जाने का कार्य किया जा रहा है वहीं पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
यहाँ मिली जानकारी के मुताबिक लालकुआँ क्षेत्र अन्तर्गत हल्दूचौड़ स्थित आकृति नैचुरल प्रोडेक्ट में विशालकाय गढ्ढे खोदकर अवैध रूप से उपखनिज निकालकर खोदे गए विशालकाय गड्डे में सेंचुरी पेपर मिल से निकलने वाली कैमिकल युक्त जहरीली राख भर कर पर्यावरण को पहुंचाए जाने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है क्रशर द्वारा किए जा रहे इस गोरखधंधे के चलते जहां पर्यावरण को नुकसान हो रहा है वहीं केमिकल युक्त राख से भरे जाने से आसपास की उपजाऊ जमीन को खासा नुकसान हो रहा है।
इधर उप जिलाधिकारी तुषार सैनी के मुताबिक स्टोन क्रेशर में खोदे गए गड्ढों की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर स्टोन क्रेशर स्वामी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।बता दें कि पूर्व में भी उक्त नैचुरल प्रोडेक्ट स्वामी के ऊपर परिसर में गड्ढे खोदकर उपखनिज की चोरी को लेकर जुर्माना लग चुका है।
इधर क्षेत्रवासियों का आरोप है कि रसूखदार आकृति नैचुरल प्रोडेक्ट संचालक कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से लंबे समय से उक्त स्टोन क्रेशर अवैध रूप से उपखनिज निकालकर खोदे जा रहे गड्ढों को जहरीली राख से भरकर पर्यावरण दूषित कर आसपास की कृषि योग्य भूमि को नुकसान पहुंचाए जाने का कार्य किया जा रहा है किंतु उक्त अवैध कार्य पर अंकुश लगाने के लिए बड़े बड़े दावे करने वाले जिम्मेदार अधिकारी सबकुछ जानने के बाद भी मूकदर्शक बने हुए हैं।पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ ही चंद रुपयों के लालच में क्रशर संचालक द्वारा किए जा उक्त गोरख धंधे को लेकर जहां क्षेत्र वासियों में आक्रोश पनप रहा है वहीं जिम्मेदार महकमों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

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बाईट, तुषार सैनी एसडीएम।


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