एमबीपीजी कॉलेज- हल्द्वानी: एमबीपीजी बना ISRO का नोडल केंद्र, निशुल्क पाठ्यक्रम होंगे संचालित, छात्रों को मिलेगा फायदा

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एमबीपीजी कॉलेज- हल्द्वानी: एमबीपीजी बना ISRO का नोडल केंद्र, निशुल्क पाठ्यक्रम होंगे संचालित, छात्रों को मिलेगा फायदा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के 35 से अधिक निशुल्क कोर्स का लाभ एमबीपीजी कॉलेज के विद्यार्थी उठा सकेंगे। इसरो की उपशाखा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग (आईआईआरएस) ने एमबीपीजी कॉलेज को नोडल सेंटर बनाया है।

आईआईआरएस आउटरीच प्रोग्राम के प्रोग्राम कॉर्डिनेटर डॉ. हरीश कर्नाटक ने बताया कि इसरो की ओर से हर साल स्पेस रिसर्च, रिमोट साइंस आदि पर निशुल्क ऑनलाइन कोर्स कराए जाते हैं। भारत के 3,500 से अधिक कॉलेज इससे जुड़े हैं। दुनिया के 170 देशों के दो लाख से अधिक शिक्षार्थी अवेयरनेस ओरिएंटेड पाठ्यक्रमों का लाभ लेते हैं। इसमें यूजी, पीजी के शिक्षार्थी और पीएचडी के शोधार्थियों को एडवांस टेक्नोलॉजी की जानकारी दी जाती है। विद्यार्थी अपनी-अपनी पसंद के अनुसार पाठ्यक्रम चुन सकते हैं। इसमें इसरो और बाहर के भी एक्सपर्ट ऑनलाइन क्लास देते हैं। ट्रेनिंग आधुनिक और अपडेट टॉपिक पर होती है। इससे बच्चों को गाइडेंस मिलती है कि किसी विषय में कॅरिअर के अवसर क्या हैं।

27 अगस्त से 20 सितंबर तक चलेंगे ऑनलाइन कोर्स
एमबीपीजी कॉलेज में आईआईआरएस आउटरीच प्रोग्राम इसरो के नोडल सेंटर के कॉर्डिनेटर डॉ. नरेंद्र सिजवाली ने बताया कि 27 अगस्त से 20 सितंबर तक कॉलेज में रिमोट सेंसिंग और डिजिटल इमेज एनालिसिस पर चार हफ्ते के ऑनलाइन कोर्स चलाए जाएंगे। 12वीं तक गणित वाले कोई भी विद्यार्थी इस कोर्स में प्रतिभाग करने के लिए आवेदन कर सकते हैं और कॉलेज पहुंचकर कक्षाएं अटेंड कर सकते हैं।

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