विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी आने से वहां काम कर रहे मजदूर अंदर ही फंस गए थे। इसमें करीब सात मजदूरों की मौत हो गई। कई मजदूरों की तलाश अब भी जारी है। जानिए …
एसडीआरएफ का राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी
एसडीआरएफ का राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। छह टीमें रेस्क्यू अभियान में तैनात हैं।
मलबा गिर रहा था, परियोजना प्रबंधन ने नहीं दिया ध्यान
जेसाल गांव के नीचे यह हादसा हुआ है। दो दिन से ऊपर से मलबा गिर रहा था, लेकिन परियोजना प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया।
मृतकों के लिए चार-चार लाख देने की घोषणा
सीएम धामी अस्पताल में घायल श्रमिकों से मिलने पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना। सीएम ने मृतकों के लिए चार-चार लाख देने की घोषणा की है।
शेष तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी उपलब्ध संसाधनों एवं तकनीकी विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित सभी टीमों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा टनल में फंसे शेष तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए।
टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव
टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके चलते टनल में कार्यरत कुछ लोग अंदर फंस गए।







