हल्द्वानी- चार घंटे तक वाहन और पेड़ के बीच फंसा रहा शव, चीख-पुकार से दहला इलाका, मुक्तेश्वर घूमकर लौट रहे थे सैलानी

वीकेंड मनाने निकले फरीदाबाद के 22 दोस्तों और परिजनों का दल शुक्रवार सुबह तक बेहद खुश था। मुक्तेश्वर की खूबसूरत वादियों में तस्वीरें खींचने और यादगार पल बिताने के बाद सभी खुशी-खुशी भवाली की ओर लौट रहे थे लेकिन किसे मालूम था कि चंद पलों में यह हंसता-खेलता सफर दर्दनाक मातम में तब्दील हो जाएगा।

बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार सुबह मुक्तेश्वर सैलानियों का दल फरीदाबाद से घूमने के लिए आया था। शुक्रवार को सैलानी वापस भवाली की ओर आ रहे थे लेकिन 20 किमी पहले मल्ला रामगढ़ के पास टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर 100 मीटर गहरी खाई में गिर गया। दुर्घटना होने पर सैलानियों की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा।

सड़क चौड़ी थी, फिर भी पैरापिट तोड़कर नीचे गिरा वाहन
हादसा मल्ला रामगढ़ के पास लक्ष्मी खान क्षेत्र में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटनास्थल के पास सड़क अच्छी-खासी चौड़ी है और किनारे कंक्रीट के मजबूत पैरापिट (सुरक्षा दीवार) भी बने हुए थे। इसके बावजूद रफ्तार या अनियंत्रण के चलते वाहन सीधे कंक्रीट के पैरापिट को तोड़ते हुए खाई में जा गिरा। घायलों ने बताया कि चालक अचानक वाहन पर से संतुलन खो बैठा था।

 

खाई गहरी होने से रेस्क्यू में मशक्कत, चार घंटे फंसा रहा एक शव
खाई अत्यधिक गहरी और ढलानदार होने के कारण राहत कार्य में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने सबसे पहले मोर्चा संभाला। दोपहर दो बजे पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से रस्सियों के सहारे खाई में उतरकर रेस्क्यू शुरू किया। हादसा इतना भीषण था कि एक सैलानी का शव दुर्घटनाग्रस्त वाहन और पेड़ के बीच कई घंटे तक बुरी तरह फंसा रहा।

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एंबुलेंस देरी से पहुंचने पर उपजा जनआक्रोश
हादसे के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद 108 एंबुलेंस काफी देर बाद मौके पर पहुंची। इस बीच एक एंबुलेंस का एक्सल खराब होने के कारण भी घायलों को सीएचसी रामगढ़ और वहां से सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी शिफ्ट करने में समय लगा जिससे मौके पर मौजूद ग्रामीणों में खासा आक्रोश देखने को मिला।

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