आपके घर भी कुछ महीने पहले जनगणना के अधिकारी आए होंगे और मकान से लेकर पानी, बिजली और इंटरनेट तक के बारे में सवाल पूछे होंगे। अब सरकार ने जनगणना 2027 के अगले चरण की तारीखों का एलान कर दिया है।
जनगणना 2027 का पूरा शेड्यूल क्या है?
जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जा रही है। पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवास जनगणना का काम अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच पूरा किया गया। अब दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना की प्रक्रिया होगी।
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, ज्यादातर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जनसंख्या गणना 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक होगी। इसके बाद 1 से 5 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण का दौर चलेगा। इससे पहले 10 से 24 जनवरी 2027 तक लोगों को ऑनलाइन स्व-गणना का विकल्प मिलेगा। हालांकि, कुछ राज्यों और क्षेत्रों में जनगणना का कार्यक्रम अलग रखा गया है।
स्टेप 3: घर की लोकेशन दर्ज करें
लॉग इन करने के बाद जिला, गांव या शहर और पिनकोड जैसी जानकारी भरें। इसके बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाले नक्शे यानी मैप पर अपने घर की सही लोकेशन मार्क करें।
स्टेप 4: पूछे गए सवालों के जवाब भरें
पहले चरण में भी आपके घर से संबंधित 33 सवाल इसमें दिए गए थे। अब फिर से नए 40 सवाल इसमें दिए जाएंगे।
स्टेप 5: जानकारी चेक करके सबमिट करें
फॉर्म भरने के बाद Preview विकल्प पर क्लिक करके सभी जानकारियां जांच लें। अगर कोई गलती है तो उसे ठीक करें। इसके बाद Final Submit पर क्लिक करें।
फॉर्म जमा होने के बाद आपको 11 अंकों की एक विशेष पहचान संख्या मिलेगी। इसे SE ID कहा जाता है।
SE ID मिलने के बाद क्या करना होगा?
फॉर्म जमा करने के बाद मिली 11 अंकों की SE ID को सुरक्षित रखें। इसका स्क्रीनशॉट ले सकते हैं या प्रिंट निकालकर रख सकते हैं। जब जनगणना कर्मचारी आपके घर आएंगे तो उन्हें यह आईडी दिखानी होगी। इसके आधार पर वे ऑनलाइन भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे।
ऑनलाइन फॉर्म भरते समय इन बातों का रखें ध्यान
- एक मोबाइल नंबर से केवल एक घर का स्व-गणना फॉर्म भरा जा सकता है।
- सभी जानकारियां सही और सच्ची भरें।
- फॉर्म सबमिट करने से पहले सभी जवाब दोबारा जांच लें।
- स्व-गणना करना वैकल्पिक है। आप चाहें तो गणनाकर्मी के घर आने पर भी जानकारी दे सकते हैं।
दूसरे चरण में क्या-क्या सवाल पूछे जाएंगे?
पहले चरण में मकान और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी ली गई थी, जबकि दूसरे चरण में परिवार के प्रत्येक सदस्य की व्यक्तिगत जानकारी जुटाई जाएगी। इस बार कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे, जबकि 2011 की जनगणना में 29 सवाल पूछे गए थे। यानी इस बार 11 नए सवाल जोड़े गए हैं।
इन सवालों में जाति, धर्म, माता-पिता और पति या पत्नी का नाम, घोषित राष्ट्रीयता और स्थायी पता जैसी जानकारियां शामिल हैं। इसके अलावा डिजिटल साक्षरता, शिक्षा का स्तर और परिवार के कुल बैंक खातों की संख्या के बारे में भी पूछा जाएगा।
मोबाइल नंबर, आधार और वोटर आईडी नंबर, कोविड-19 टीकाकरण की जगह, पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता से जुड़े सवाल भी इस चरण का हिस्सा होंगे।
इस बार जनगणना डिजिटल तरीके से कैसे होगी?
जनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसके लिए सरकार ने चार प्रमुख डिजिटल व्यवस्थाएं तैयार की हैं।
पहली: जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली
इस डिजिटल पोर्टल के जरिए जनगणना के काम की निगरानी होगी। अधिकारी जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर देख सकेंगे कि किस क्षेत्र में कितना काम पूरा हुआ है।
दूसरी: मकान सूचीकरण मोबाइल एप
गणनाकर्मी इस एप के जरिए घरों और परिवारों की जानकारी दर्ज करेंगे। यह एप बिना इंटरनेट के भी काम कर सकेगा। इंटरनेट उपलब्ध होने पर जानकारी सरकारी सर्वर पर भेज दी जाएगी। इसे एंड्रॉयड और आईफोन दोनों पर इस्तेमाल किया जा सकेगा और यह 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा।
तीसरी: मकानों और क्षेत्रों की डिजिटल पहचान
इसके लिए डिजिटल नक्शे तैयार किए जाएंगे। इसमें उपग्रह से ली गई तस्वीरों का भी इस्तेमाल होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई गांव, मोहल्ला या क्षेत्र गणना से छूटे नहीं और किसी इलाके की दोबारा गिनती न हो।
चौथी: स्व-गणना पोर्टल
इस पोर्टल के जरिए लोग अपने परिवार की जानकारी खुद ऑनलाइन भर सकेंगे। जानकारी जमा करने के बाद परिवार को विशेष पहचान संख्या मिलेगी, जिसके आधार पर गणनाकर्मी बाद में जानकारी का सत्यापन करेंगे।
जनगणना में दी गई जानकारी कितनी सुरक्षित रहेगी?
जनगणना के दौरान लोगों से व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी जुटाई जाती है। सरकार के अनुसार, डिजिटल माध्यम से जुटाए गए आंकड़ों को कूटबद्ध यानी एन्क्रिप्ट करने की व्यवस्था होगी। इससे कोई अनधिकृत व्यक्ति इन जानकारियों को पढ़ नहीं सकेगा। आंकड़ों को सुरक्षित सरकारी डेटा केंद्रों में रखा जाएगा और उनकी सुरक्षा की नियमित जांच भी होगी।
इसके अलावा जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 15 के तहत लोगों की ओर से दी गई व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता सुनिश्चित की गई है। इसके अनुसार, किसी व्यक्ति की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। इसे सूचना का अधिकार कानून के तहत भी प्राप्त नहीं किया जा सकता और न ही अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
जनगणना के आंकड़े कब जारी होंगे?
सरकार का लक्ष्य डिजिटल तकनीक की मदद से आंकड़े जुटाने, उनकी जांच और विश्लेषण की प्रक्रिया को पहले के मुकाबले तेज करना है। आंकड़ों को आसानी से समझने के लिए चार्ट और चित्रों के माध्यम से भी जानकारी उपलब्ध कराने की योजना है। हालांकि, सरकार ने अभी जनगणना 2027 के अंतिम आंकड़े जारी करने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है।





