पीली छाती, हरे पंख: हिमालय से सूरजमुखी पर उतर आया खूबसूरत मेहमान, कैमरे में कैद हुआ येलो-ब्रेस्टेड ग्रीनफिंच

सूरजमुखी के पीले फूल पर बैठा नन्हा परिंदा… पीली छाती, हरे पंख और उन पर उभरी पीली धारियां। कुछ पल के लिए ऐसा लगा मानो फूल के रंग में ही हिमालय का एक और रंग उतर आया हो। रानीखेत कोतवाली परिसर में दिखे येलो-ब्रेस्टेड ग्रीनफिंच ने न केवल वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।

हिमालयी क्षेत्र का यह छोटा और खूबसूरत पक्षी रानीखेत की समृद्ध जैव विविधता की एक और झलक सामने लाता है। क्षेत्र में समय-समय पर अलग-अलग प्रजातियों के पक्षियों की मौजूदगी यहां के अनुकूल प्राकृतिक वातावरण और समृद्ध वन्यजीव विविधता को दर्शाती है।

येलो-ब्रेस्टेड ग्रीनफिंच रानीखेत क्षेत्र में समय-समय पर दिखाई देता है। यह मुख्य रूप से बीज खाने वाला पक्षी है और सूरजमुखी के बीज भी इसे पसंद हैं। पक्षियों को करीब से देखना और कैमरे में कैद करना क्षेत्र की जैव विविधता को समझने का बेहतर माध्यम है।

 

पंखों पर पीली धारियां इसकी पहचान
येलो-ब्रेस्टेड ग्रीनफिंच फ्रिंजिलिडे परिवार का पक्षी है। यह हिमालयी क्षेत्रों और उत्तरी भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाता है। इसकी लंबाई करीब 12 से 14 सेंटीमीटर और वजन 15 से 21 ग्राम तक होता है। इसके निचले हिस्से चमकीले पीले होते हैं जबकि पंखों पर पीली धारियां इसकी पहचान को और खास बनाती हैं।

 

बीजों का शौकीन, झुंड में तलाशता है भोजन
येलो-ब्रेस्टेड ग्रीनफिंच मुख्य रूप से विभिन्न घास, पौधों और अन्य वनस्पतियों के बीज खाता है। सूरजमुखी के बीज भी इसके पसंदीदा भोजन में शामिल हैं। हिमालयी क्षेत्रों में यह मौसम और ऊंचाई के अनुसार स्थान बदलता रहता है। इसे अक्सर छोटे-छोटे झुंड में भोजन की तलाश करते देखा जा सकता है। एक साथ कई ग्रीनफिंच का दिखाई देना पक्षी प्रेमियों के लिए खास आकर्षण होता है।

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येलो-ब्रेस्टेड ग्रीनफिंच हिमालयी क्षेत्र में पाया जाने वाला आकर्षक पक्षी है। रानीखेत और आसपास का वन क्षेत्र विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के लिए अनुकूल प्राकृतिक आवास उपलब्ध कराता है। इस तरह के पक्षियों की मौजूदगी क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का संकेत है। पक्षियों के संरक्षण के लिए उनके प्राकृतिक आवास और खाद्य स्रोतों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। -तापस मिश्रा, क्षेत्राधिकारी, वन विभाग, रानीखेत

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