अयोध्या श्री रघुनाथ सत्संग भवन मंदिर के पीठाधीश्वर महंत मनमोहन दास ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट कर अयोध्या के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें संत समाज की भूमिका, श्रद्धालुओं की सुविधाएं तथा धार्मिक पर्यटन के विस्तार जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल रहे।
भेंट के दौरान महंत मनमोहन दास ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि अयोध्या आज विश्व के आध्यात्मिक मानचित्र पर नई पहचान के साथ स्थापित हो रही है। श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ-साथ शहर में विकसित हो रही आधारभूत सुविधाओं, सड़कों, घाटों, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए किए जा रहे प्रबंधों से देश-विदेश से आने वाले भक्तों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से अयोध्या में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
महंत मनमोहन दास ने मुख्यमंत्री को श्री रघुनाथ सत्संग भवन मंदिर में आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, सत्संग कार्यक्रमों, कथा-प्रवचनों तथा सामाजिक सेवा गतिविधियों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि मंदिर लगातार धार्मिक जागरण, संस्कार निर्माण और समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने संत समाज से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण विषयों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के संबंध में अपने सुझाव भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा को सशक्त बनाने में संत-महात्माओं की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सनातन मूल्यों की जीवंत प्रतीक है। प्रदेश सरकार अयोध्या के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि धार्मिक संस्थाएं समाज में नैतिकता, सेवा और सद्भावना का संदेश देने का कार्य करती हैं। संतों के मार्गदर्शन से समाज को सकारात्मक दिशा मिलती है और राष्ट्र निर्माण की भावना मजबूत होती है। उन्होंने मंदिरों एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की भी प्रशंसा की।
मुलाकात के अंत में महंत मनमोहन दास ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर उनका सम्मान किया तथा उनके स्वस्थ एवं सफल नेतृत्व की कामना की। वहीं मुख्यमंत्री ने भी मंदिर की धार्मिक गतिविधियों के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रदान कीं।
संत समाज के बीच इस शिष्टाचार भेंट को विशेष महत्व दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस प्रकार की मुलाकातें धार्मिक संस्थाओं और शासन-प्रशासन के बीच बेहतर संवाद एवं समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे अयोध्या के सर्वांगीण विकास को और अधिक गति मिलेगी।








