लखनऊ: हजरतगंज में 5 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, 40 लोगों के दबे होने की आशंका, दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।

लखनऊ: हजरतगंज में 5 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, 40 लोगों के दबे होने की आशंका, दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।

लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र के वजीर हसन रोड पर स्थित 1 इमारत के गिरने से बड़ा हादसा हो गया है। इमारत का नाम अलाया अपार्टमेंट है। बताया जा है कि यह एक पुरानी बिल्डिंग थी। आज आए भूकंप के बाद इमारत में दरारें आ गई थीं। लेकिन किसी ने इस पर गौर नहीं किया।

सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस व राहत टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। बताया जा रहा है कि इसमें करीब 30 से 40 लोग दबे हो सकते हैं।

हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। बचाव दल द्वारा मलबे से बाहर निकाले गए दो लोगों ने सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है।
लखनऊ में पांच मंजिला इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। मलबे के पास जब लोग पहुंचे तो भीतर से चीखें सुनाई देने लगीं। वे मदद की गुहार लगा रहे थे। बाहर मौजूद लोगों का सब्र जवाब दे रहा था, क्योंकि वे चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहे थे। कोई पुलिस को फोन कर रहा था तो कोई लोगों को इकट्ठा कर रहा था, तो कुछ खुद ही ईंटें आदि हटाने में जुटे थे। शायद वह एक आध जिंदगी बचा सकें। हालांकि ये इतना आसान नहीं था। इसलिए लोग बेबस खड़े रहे। जब पुलिस, सेना, एसडीआरएफ के जवान पहुंचे तब रेस्क्यू का काम शुरू हो सका और दबे लोग निकाले जाने लगे। स्थानीय लोगों ने बताया कि मलबे का ढेर देख कर लगा कि कोई नहीं बचा होगा। वह आनन फानन वहां पहुंचे। भीतर दबे लोग आस लगाए थे। तेजी से चीख रहे थे।

और पढ़े  दामाद के साथ रहने की जिद पर अड़ी सास, पुलिस-थाना-पंचायत के बाद भी न मानी

बाहर खड़े लोगों ने चिल्ला-चिल्लाकर बताया कि मदद के लिए वो लोग आ गए। इसी आस में मलबे में दबे लोग जिंदगी के लिए जंग लड़ते रहे। उसके बाद एक एक कर बाहर निकाले जाने लगे।

  • Related Posts

    स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर HC सख्त:- DM और मुख्य सचिव को दिया ये आदेश, एक माह में मांगी अनुपालन रिपोर्ट

    हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रदेश के स्कूलों में बच्चों की परिवहन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने मुख्य सचिव को जिला स्कूल वाहन सुरक्षा…

    UP में जमीन से बेदखल होने के डर में किसान,जमीन से बेदखल होने के भय में तराई के किसान, पीढ़ियों से खेती कर रहे सिखों का…

    उत्तराखंड बॉर्डर से लखीमपुर खीरी तक फैले तराई के विशाल कृषि क्षेत्र में इन दिनों गहरी बेचैनी है। देश का बंटवारा, 84 के दंगे और आतंकवाद का दौर सह चुके…