ईरानी तेल पर नजर या जंग की तैयारी?, खर्ग द्वीप पर कब्जे के संकेत! ट्रंप के बयान से पश्चिम एशिया में अनिश्चितता

श्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजारों में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने साफ तौर पर कहा कि वह ईरान का तेल लेना पसंद करेंगे और जरूरत पड़ने पर अमेरिका ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खर्ग द्वीप पर कब्जा भी कर सकता है।

 

ईरान का तेल लेने’ की बात क्यों?
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उनके पास कई सैन्य विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने कहा शायद हम खर्ग द्वीप ले लें, शायद नहीं… हमारे पास बहुत सारे विकल्प हैं।खर्ग द्वीप ईरान का सबसे अहम तेल निर्यात हब है, जहां से देश का अधिकांश कच्चा तेल दुनिया भर में भेजा जाता है। ऐसे में इस द्वीप पर कब्जा करना सीधे तौर पर ईरान की अर्थव्यवस्था पर बड़ा झटका होगा।

 

अमेरिकी सेना ने कई प्रमुख लक्ष्य ढेर किए
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि ईरान में आज का दिन खास रहा। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सशस्त्र बलों ने कई लंबे समय से खोजे जा रहे लक्ष्यों को ढेर कर दिया है और वे अब ध्वस्त हो चुके हैं। ट्रंप ने अपने बलों की सराहना करते हुए कहा कि यह सेना दुनिया की सबसे श्रेष्ठ और घातक है। साथ ही उन्होंने सभी के लिए ईश्वर का आशीर्वाद भी मांगा।

युद्ध के बढ़ते संकेत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका पहले ही पश्चिम एशिया में अपने सैन्य बल को मजबूत कर चुका है। करीब 10,000 सैनिकों की तैनाती की योजना बनाई गई है, जिनमें मरीन और एयरबोर्न डिवीजन के जवान शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खार्ग द्वीप पर हमला होता है, तो यह संघर्ष को और खतरनाक बना सकता है और अमेरिका को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

बातचीत की कोशिश भी जारी
हालांकि युद्ध के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान के जरिए ईरान से अप्रत्यक्ष बातचीत हो रही है और 6 अप्रैल तक समझौते का समय दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला कर सकता है।

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तेल बाजार में उछाल
पश्चिम एशिया संकट का असर सीधे तेल की कीमतों पर दिख रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जो पिछले एक महीने में 50% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्शाता है। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि खार्ग द्वीप प्रभावित होता है, तो वैश्विक सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ेगा।

संघर्ष का दायरा बढ़ा
ईरान और इस्राइल के बीच शुरू हुआ यह युद्ध अब कई देशों को अपनी चपेट में ले रहा है। हाल ही में सऊदी अरब स्थित एक अमेरिकी एयरबेस पर हमला हुआ, जिसमें अमेरिकी सैनिक घायल हुए। वहीं यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इस्राइल की ओर मिसाइल दागी है।

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