केदारनाथ हेलिकॉप्टर हादसा: डीजीसीए की टीम क्रैश हेलिकॉप्टर के ब्लैक बॉक्स लेकर वापस लौटी, घटनास्थल पर जुटाए साक्ष्य

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डीजीसीए की पांच सदस्यीय जांच टीम क्रैश हुए हेलिकॉप्टर का ब्लैक बॉक्स लेकर वापस लौट गई है। इस ब्लैक बॉक्स की गहन जांच के बाद दुर्घटना के असल कारणों का पता चलेगा। टीम ने चार दिनों तक घटनास्थल से हेलिपैड तक गहन निरीक्षण किया। साथ ही हेली कंपनी के दस्तावेज भी खंगाले।

बीते 15 जून को आर्यन हेली एविएशन कंपनी का हेलिकॉप्टर गौरी माई खर्क में क्रैश हो गया था, जिसमें पायलट सहित सात लोगों की मौत हो गई थी। बीते सोमवार को डीजीसीए के अधिकारी रणवीर सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम गुप्तकाशी पहुंची थी। टीम ने पहले दिन आर्यन हेली कंपनी के कार्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान हेलिपैड सहित हेलिकॉप्टर की कुल शटल की एक-एक जानकारी लेने के साथ ही पायलट के लाइसेंस और कंपनी के दस्तावेजों के बारे में जानकारी ली गई।

 

मंगलवार को टीम गौरी माई खर्क पहुंची थी और वहां दुर्घटनाग्रस्त हुए हेलिकॉप्टर के मलबे को खंगाला। मलबे से हेलिकॉप्टर का ब्लैक बॉक्स (तकनीकी रूप से प्लाइट डाटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉडर) को प्राप्त किया गया। ब्लैक बॉक्स सुरक्षित बताया जा रहा है। इससे गुप्तकाशी हेलिपैड से केदारनाथ और केदारनाथ से दुर्घटनास्थल तक हेलिकॉप्टर की पूरी उड़ान के बारे में जानकारी मिलेगी। साथ ही यह भी पता लग सकेगा कि पायलट ने केदारनाथ से गुप्तकाशी के लिए टेकऑफ करते समय मौसम खराब होने की स्थिति में कोई वॉयस मैसेज दिया था कि नहीं।

केदारनाथ हेलिकॉप्टर सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि डीजीसीए की टीम हेलिकॉप्टर के ब्लैक बॉक्स (एफडीआर और सीवीआर) को साथ ले गई है। उन्होंने बताया कि बीते 7 जून को बडासू में भी क्रिस्टल कंपनी के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग हुई थी। तब जांच में आई डीजीसीए की टीम ब्लैक बॉक्स लेकर लौटी थी।

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