ईरान युद्ध का झटका- नए घरों में सोलर पैनल और हीट पंप अनिवार्य, ब्रिटेन का फैसला, ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम कदम

Spread the love

रान युद्ध से पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच ब्रिटेन ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इंग्लैंड में बनने वाले सभी नए घरों में सोलर पैनल और हीट पंप अनिवार्य करने का एलान किया है, ताकि जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाई जा सके। ब्रिटेन सरकार ने मंगलवार को नए नियम पेश करते हुए स्पष्ट किया कि यह कदम नीति-निर्माताओं की ओर से ईरान युद्ध के आर्थिक और ऊर्जा प्रभावों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

 

सरकार के अनुसार, यह पहल फ्यूचर होम्स स्टैंडर्ड का हिस्सा है, जो 2028 से लागू होगा। इस मानक के तहत सभी नए घरों में ऑन-साइट रिन्यूएबल बिजली उत्पादन सुनिश्चित किया जाएगा, जिसमें प्रमुख भूमिका सौर ऊर्जा की होगी। साथ ही, घरों में लो-कार्बन हीटिंग सिस्टम जैसे हीट पंप और हीट नेटवर्क को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। ब्रिटेन के ऊर्जा मंत्री एड मिलिबैंड ने कहा, ईरान युद्ध ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि ऊर्जा सुरक्षा के लिए स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ना जरूरी है।

उन्होंने कहा सरकार का लक्ष्य जीवाश्म ईंधन बाजारों की पकड़ से बाहर निकलना है, जिन पर देश का नियंत्रण नहीं है। मिलिबैंड ने यह भी बताया कि सरकार न केवल नए घरों में सोलर पैनल को मानक बना रही है, बल्कि आने वाले महीनों में दुकानों पर प्लग-इन सोलर पैनल भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिन्हें लोग अपने घरों की बालकनी में आसानी से स्थापित कर सकेंगे।

ऊर्जा सुरक्षा बनाम घरेलू उत्पादन
इस फैसले को लेकर ब्रिटेन की घरेलू राजनीति में भी बहस तेज हो गई है। विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी की शैडो एनर्जी सेक्रेटरी क्लेयर कुटिन्हो ने सरकार से नॉर्थ सी में नए तेल और गैस क्षेत्रों के लाइसेंस जारी करने की मांग की है, ताकि घरेलू ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाकर उपभोक्ताओं के बिल कम किए जा सकें।

यह बहस इस बात को रेखांकित करती है कि ऊर्जा संकट से निपटने के लिए देशों के सामने दो विकल्प हैं, नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तेज बदलाव या पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाना।

और पढ़े  मणिपुर हिंसा में अब तक 58 हजार से अधिक विस्थापित, 217 की मौत, विधायक की मौत पर चुराचांदपुर में बंद

अन्य देशों ने भी अपनाए सख्त उपाय
छुट्टी, राशनिंग और ‘वर्क फ्रॉम होम’ का सहारा एशियाई देशों ने सबसे तेजी से कदम उठाए हैं। श्रीलंका ने स्कूलों और सरकारी दफ्तरों में छुट्टी घोषित कर दी, साथ ही क्यूआर कोड आधारित फ्यूल राशनिंग लागू कर दी। बांग्लादेश ने शिक्षा संस्थान बंद कर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी और रोजाना 5 घंटे की बिजली कटौती लागू की। भूटान ने जमाखोरी रोकने के लिए जरीकैन में ईंधन बिक्री पर प्रतिबंध लगाया। पाकिस्तान में चार दिन का वर्क वीक लागू।


Spread the love
  • Related Posts

    दमदम की रैली- PM मोदी का ममता पर तंज, बोले- बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया

    Spread the love

    Spread the loveपश्चिम बंगाल के दमदम में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा बंगाल में परिवर्तन की जो लहर दिख रही थी, कल पहले चरण के मतदान…


    Spread the love

    ईरान ने खारिज किया ट्रंप का अंदरूनी मतभेद का दावा, ड्रोन हमले के बाद कुवैत एयरपोर्ट में लगी आग

    Spread the love

    Spread the love गुयाना का दावा: जब्त टैंकर गलत तरीके से उसके झंडे का इस्तेमाल कर रहा था दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना ने कहा है कि एशिया में अमेरिका द्वारा…


    Spread the love