तृणमूल कांग्रेस नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में तपन माइती और आकाश भी शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर घटना से जुड़े वीडियो में देखा गया था। पुलिस ने मामले की जांच के तहत पांच लोगों को हिरासत में लिया है।
अभिषेक बनर्जी पर दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में भीड़ ने हमला कर दिया था। यह हमला उस समय हुआ, जब वह चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे। हमले होने के बावजूद उन्होंने हिंसा में मारे गए टीएमसी कार्यकर्ता संजू कर्माकर के परिजनों से मुलाकात की। बनर्जी पर भीड़ ने अंडे और पत्थरों से हमला किया था।
मर सकते थे अभिषेक बनर्जी’ : टीएमसी सुप्रीमो ममता
वहीं, टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भतीजे अभिषेक पर हुए हमले के खिलाफ रविवार को प्रदर्शन का एलान किया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, सत्तारूढ़ दल ने इस आरोप से इनकार किया है।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “मुझे बताया गया है कि अगर उनके सिर पर हेलमेट नहीं होता, तो उनकी मौत हो सकती थी।” उन्होंने दावा किया कि पत्थरबाजी और मारपीट हमले के कारण अभिषेक को सीने और पसलियों में चोटें आईं। आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा उपचार मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही है।
‘राहुल गांधी ने किया मदद के लिए फोन’ : ममता बनर्जी
वहीं, टीएमसी सुप्रीमो ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की ओर से मदद की पेशकश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने मुझे फोन करके अभिषेक के इलाज के लिए हैदराबाद या अन्य किसी भी जगह ले जाने की बात कही।
भाजपा ने आरोपों से किया इनकार
भाजपा ने इस घटना में संलिप्तता से स्पष्ट इनकार किया। बंगाल के पार्टी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वहीं, उन्होंने कहा कि यह तृणमूल कांग्रेस के प्रति जनता की गहरी असंतोष को दर्शाता है। उन्होंने तृणमूल के राजनीतिक हिंसा के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि इसमें पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और अन्य भाजपा नेताओं पर हुए कथित हमले भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, ”मैं सभी राजनीतिक दलों से बंगाल की राजनीतिक संस्कृति को बदलने का आग्रह करता हूं।”






