पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा: अदन की खाड़ी में हूतियों ने सऊदी अरब के टैंकर के पास किया धमाका, चालक दल सुरक्षित

Spread the love

मन के दक्षिणी तट से लगे अदन की खाड़ी में एक टैंकर के पास जोरदार विस्फोट की आवाज सुनाई देने की सूचना मिली है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब हूती विद्रोहियों द्वारा जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के चलते इस समुद्री क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ा हुआ है।

धमाका कहां और कब हुआ?
यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बुधवार (स्थानीय समयानुसार) बताया कि यह घटना अदन से लगभग 95 समुद्री मील (नॉटिकल माइल) दक्षिण-पूर्व में हुई। एजेंसी के अनुसार, टैंकर के कप्तान ने जहाज के बेहद करीब तेज धमाके की आवाज सुनने की जानकारी दी। हालांकि राहत की बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।

क्या हूती विद्रोहियों ने मिसाइल दागी थी?
यमन के अल-बैदा प्रांत के मध्य स्थित हूती नियंत्रण वाले मुकयारस इलाके के कुछ स्थानीय निवासियों ने समाचार एजेंसी शिन्हुआ को बताया कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है, जिसके अनुसार हूती विद्रोहियों ने इसी क्षेत्र से अदन की खाड़ी की दिशा में एक मिसाइल दागी थी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि टैंकर के पास हुए विस्फोट और कथित मिसाइल प्रक्षेपण के बीच कोई संबंध है या नहीं। वहीं, हूती विद्रोहियों ने भी इस घटना की तत्काल कोई जिम्मेदारी नहीं ली है।
समुद्री क्षेत्र में तनाव क्यों बढ़ रहा है?
यह घटना ऐसे समय हुई है जब हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। लाल सागर और आसपास के समुद्री मार्गों पर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है।

ओमान के पास कार्गो जहाज पर क्या हुआ था?
इससे पहले सोमवार (स्थानीय समयानुसार) ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज ने सूचना दी थी कि उसे किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने निशाना बनाया। UKMTO की एडवाइजरी के मुताबिक, यह घटना ओमान के अल-खासब से लगभग 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के पूर्वी प्रवेश द्वार के निकट हुई थी। कार्गो जहाज ने वीएचएफ रेडियो के जरिए बताया था कि उसे किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से टक्कर लगी है। इसके बाद UKMTO ने इस क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी।

और पढ़े  ईरान युद्ध खत्म?: ट्रंप का दावा- ईरान युद्ध खत्म, अमेरिका ने नए हमले की योजना टाली

हूती विद्रोहियों ने समुद्री प्रतिबंध क्यों लगाया है?
20 जुलाई को हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब से जुड़े जहाजों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया था। उनका आरोप है कि सऊदी अरब ने हूती नियंत्रण वाले इलाकों की नाकेबंदी कर रखी है। हूती समूह ने दावा किया है कि उसने सऊदी अरब से जुड़े कई जहाजों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और हवाई अड्डों पर हमले किए हैं। इसके जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती ठिकानों पर फिर से हवाई हमले तेज कर दिए हैं।

हूतियों का बैलिस्टिक मिसाइल से हमला का दावा
वहीं, यमन के हूती विद्रोही समूह ने दावा किया है कि उसने अदन की खाड़ी में ‘डेजी’ नामक सऊदी तेल टैंकर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया, जिसके बाद जहाज को वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि यह हमला सऊदी अरब के खिलाफ घोषित समुद्री नाकेबंदी का हिस्सा है। इससे कुछ घंटे पहले हूतियों ने उत्तरी लाल सागर में सऊदी टैंकर ‘वफा’ पर भी कई बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का दावा किया था। हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने इन दावों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और इनकी स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है।

यमन में संघर्ष कब से जारी है?
यमन में गृहयुद्ध जैसी स्थिति वर्ष 2014 के अंत से बनी हुई है। उसी दौरान हूती विद्रोहियों ने उत्तरी यमन के बड़े हिस्से, जिसमें राजधानी सना भी शामिल है, पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद वर्ष 2015 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप शुरू किया, जिसके बाद से यह संघर्ष लगातार जारी है।

और पढ़े  लोकसभा में पास हुआ बिल: क्या अब UPI पेमेंट करने पर देना होगा अतिरिक्त चार्ज?जानें सबकुछ

Spread the love
  • Related Posts

    Weather: देश के कई हिस्सों में आज भारी बारिश के आसार, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

    Spread the love

    Spread the loveशनिवार को भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में…


    Spread the love

    अब मिलेगा गरिमा के साथ मौत का भी अधिकार, 2 मेडिकल बोर्ड तय करेंगे तो हटेगा लाइफ सपोर्ट

    Spread the love

    Spread the loveहरियाणा में अब जीवन के अंतिम चरण में इलाज से जुड़े फैसलों के लिए नई कानूनी व्यवस्था लागू होने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद…


    Spread the love