ईरान में पिछले कई दिनों से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन चल रहे हैं। पहले जहां लोग महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे, लेकिन अब विरोध सरकार के खिलाफ राजनीतिक मांगों तक पहुंच गया है। ऐसे में एक ओर ईरान की सरकार इसे अराजकता और विदेशी प्रभाव बता रही है और सख्ती से निपटने का प्रयास भी कर रही है। वहीं अब इस पूरे मामले में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुले तौर पर ईरानी प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने की बात कही है। पहले तो ट्रंप ने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक को रद्द कर दी। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों को कहा कि ईरानी देशभक्तों, विरोध जारी रखो..मदद रास्ते में है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर इस बात की जानकारी दी। जहां उन्होंने लिखा कि ईरानी देशभक्तों, विरोध जारी रखो, अपनी संस्थाओं पर कब्जा करो, कातिलों और अत्याचारियों के नाम सुरक्षित रखो। उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप ने आगे लिखा प्रदर्शनकारियों की बेवजह हत्याएं बंद होने तक मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं। इस दौरान ट्रंप ने जोर देते हुए ईरानी प्रदर्शनकारियों से कहा कि आपकी मदद जल्द आपके पास पहुंच रही हैं, मदद रास्ते में है। उनके इस बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहरा गया है।
ट्रंप ने दिए बड़े संकेत
इस दौरान ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने ईरान के अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकें रद्द कर दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्या बंद नहीं होती, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। अपने संदेश में ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों से सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि जो लोग हिंसा और अत्याचार के जिम्मेदार हैं, उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी।
प्रदर्शन में 2000 से ज्यादा लोगों की मौत
बचा दें कि ईरान में बीते करीब दो हफ्तों से भारी प्रदर्शन चल रहे हैं। ये प्रदर्शन मुद्रा की कीमत गिरने के बाद शुरू हुए थे। अब तक इन प्रदर्शनों में करीब 2,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल हैं। एक तरफ ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन के चलते स्थिति तो भयावह है हीं, दूसरी ओर ईरान को बाहरी सैन्य खतरा का डर भी परेशान कर रहा है। इतना ही नहीं व्यापार के आधार पर भी ईरान के लिए सारे रास्ते बंद होते नजर आ रहे है।
कारण है कि इससे पहले ट्रंप ने एलान किया था कि जो भी देश ईरान से कारोबार करेगा, उसके उत्पादों पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क (टैरिफ) लगाया जाएगा। इतना ही नहीं ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई भी एक विकल्प हो सकती है। उन्होंने पहले कहा था कि अमेरिका इस मामले में पूरी तरह तैयार है।







