मणिपुर में हुए दोहरे बम विस्फोटों की जांच NIA को सौंपी, राज्य में बढ़ी सुरक्षा

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णिपुर के बिष्णुपुर जिले में हुए दोहरे बम विस्फोटों की जांच एनआईए को सौंप दी गई है। यह जानकारी अधिकारियों ने मंगलवार को दी है। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह फौगाकचाओ पुलिस थाना क्षेत्र के न्गाउकॉन में हुए दो विस्फोटों में दो लोग घायल हो गए।

 

दो घरों में हुआ धमाका
पहला धमाका, जिसके बारे में संदेह है कि यह एक तात्कालिक विस्फोटक उपकरण (आईईडी) के कारण हुआ था, सुबह लगभग 5.45 बजे एक सुनसान घर में हुआ। दूसरा धमाका लगभग 200 मीटर दूर सुबह लगभग 8.45 बजे हुआ, जब स्थानीय लोग पहले धमाके की खबर मिलने के बाद इकट्ठा हुए।राज्य पुलिस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, “मामले को आगे की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को भेज दिया गया है।”

 

राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी गई है

इसमें कहा गया है, “आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान जारी है। हिंसा को और बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विस्फोटों के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जांच और कार्रवाई जारी है।” इस घटना ने अशांत राज्य में तनाव को बढ़ गया है। मणिपुर में मई 2023 में शुरू हुए जातीय संघर्षों में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं। इसके साथ ही हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

 

अखिल मणिपुर छात्र संघ ने राज्य बंद करने का आह्वान किया

जिस घर में पहला विस्फोट हुआ था, वह जातीय हिंसा भड़कने के बाद से ही वीरान पड़ा है, और उसका मालिक और उसका परिवार वर्तमान में एक राहत शिविर में रह रहा है। स्वदेशी जन संगठन और अखिल मणिपुर छात्र संघ सहित कई संगठनों ने विस्फोट के विरोध में बुधवार को रात 12 बजे से शुरू होकर राज्य भर में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है। मैतेई नागरिक संगठन कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी (सीओकोमी) ने विस्फोटों की तत्काल, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की। इसके साछ ही मणिपुर में फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है, जब मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जातीय संघर्षों से निपटने के उनके प्रशासन के तरीके की आलोचनाओं के बीच इस्तीफा दे दिया था।

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