कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- नीरज चोपड़ा का गोल्ड मेडल मुकाबला कब-कहां और कैसे देखें? जानिए..

भारत के स्टार जेवलिन थ्रो खिलाड़ी नीरज चोपड़ा कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक बार फिर स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से मैदान में उतरने वाले हैं। क्वालिफिकेशन राउंड में 79.61 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर फाइनल में जगह बनाने वाले नीरज से करोड़ों भारतीयों को गोल्ड की उम्मीद है।

यहीं से शुरू हुआ था सुनहरा सफर

 

  • नीरज चोपड़ा के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स हमेशा खास रहे हैं। 2018 के गोल्ड कोस्ट खेलों में उन्होंने 86.47 मीटर की थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुष भाला फेंक का स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने थे।
  • उस जीत के बाद नीरज ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। चार महीने बाद एशियाई खेलों में राष्ट्रीय रिकॉर्ड (88.06 मीटर) के साथ स्वर्ण जीता। फिर टोक्यो ओलंपिक का स्वर्ण, विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण और पेरिस ओलंपिक का रजत पदक जीतकर वह भारतीय एथलेटिक्स के सबसे बड़े सितारे बन गए।
  • बता दें कि 2018 के बाद यह नीरज का पहला कॉमनवेल्थ गेम्स है। वह चोट के कारण 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे। अब जब वह आठ साल बाद इसमें वापसी कर रहे हैं तो स्वर्ण के अपनी यादों को ताजा करने का वक्त होगा।

 

चोट ने बदला नजरिया, अब डर नहीं आत्मविश्वास है

  • पिछला एक साल नीरज के लिए आसान नहीं रहा। पीठ की लगातार परेशानी के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ और 2025 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप उनके करियर की सबसे निराशाजनक प्रतियोगिताओं में से एक रही।
  • इसके बाद उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए अपने खेल की बुनियाद पर दोबारा काम किया। रन-अप, थ्रो का एंगल और तकनीक को निखारने पर पूरा फोकस किया। सबसे बड़ा बदलाव मानसिक रूप से आया। अब वह चोट के डर के साथ नहीं, बल्कि पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरते हैं।
  • बीबीसी के पॉडकास्ट ‘मोर दैन द स्कोर’ में नीरज ने बताया कि दोहा डायमंड लीग में खेलने का फैसला उन्होंने महज सात दिन पहले लिया था। उनका लक्ष्य सिर्फ ग्लास्गो के लिए क्वालिफाई करना था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अब वह हर अभ्यास सत्र में खुद को पूरी तरह नहीं झोंकते, बल्कि जरूरत के मुताबिक ही शरीर पर दबाव डालते हैं।
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नीरज के पास खुद को फिर साबित करने का मौका
नीरज चोपड़ा के लिए यह स्पर्धा कहीं बढ़कर है। यह किसी मजबूरी में की जा रही वापसी नहीं, बल्कि चोट, आलोचना और असफलताओं से सीख लेकर खुद को नए सिरे से गढ़ने वाले एक चैंपियन की कहानी का अगला अध्याय है। अगर फाइनल में उनका भाला फिर उसी अंदाज में उड़ता है, तो यह सिर्फ एक और जीत नहीं, बल्कि यह संदेश भी होगा कि भारत का गोल्डन बॉय फिर अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में लौट आया है।

 

 

सवाल: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुष जेवलिन थ्रो फाइनल कब होगा?
स्कॉटलैंड के समयानुसार यह मुकाबला 31 जुलाई को होगा, जबकि भारतीय समयानुसार यह एक अगस्त (शनिवार) की देर रात में खेला जाएगा।

सवाल: भारतीय समयानुसार मुकाबला कितने बजे शुरू होगा?
पुरुष जेवलिन थ्रो फाइनल भारतीय समयानुसार एक अगस्त को देर रात रात 12:45 बजे शुरू होगा।

सवाल: नीरज चोपड़ा ने फाइनल के लिए कैसे क्वालिफाई किया?
नीरज ने क्वालिफिकेशन राउंड में 79.61 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और कुल मिलाकर पांचवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई। उनके साथ भारत के रोहित यादव और यश वीर सिंह भी फाइनल में पहुंचे हैं।

 

सवाल: फाइनल में नीरज के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी कौन होंगे?
नीरज को पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स, श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे, दक्षिण अफ्रीका के डाउ स्मिट, त्रिनिदाद एवं टोबैगो के केशोर्न वॉलकॉट और भारत के रोहित यादव से कड़ी चुनौती मिलेगी।

सवाल: मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग कहां देख सकते हैं?
जेवलिन थ्रो फाइनल की लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव एप और वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।

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सवाल: टीवी पर लाइव टेलीकास्ट कहां होगा?
मुकाबले का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स टेन 2, सोनी स्पोर्ट्स टेन 3 (हिंदी) और सोनी स्पोर्ट्स टेन 4 (तमिल, तेलुगु और कन्नड़) पर देखा जा सकता है।

सवाल: क्या नीरज के पास इतिहास रचने का मौका है?
हां। नीरज ने 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2022 संस्करण में वह चोट के कारण हिस्सा नहीं ले सके थे। ऐसे में उनके पास आठ साल बाद फिर से कॉमनवेल्थ स्वर्ण जीतने का शानदार मौका है।

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