ईरान में हो रहे हमले का असर: सोना-चांदी व सूखे मेवों में तेजी, निर्यात कारोबार पर दबाव, कारोबारियों की बढ़ी चिंता

 

 

रान पर अमेरिका और इस्राइल के हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब राजधानी लखनऊ के बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। सोना-चांदी की कीमतों में तेजी के साथ सूखे मेवों अंजीर, पिस्ता और केसर के दाम भी बढ़ गए हैं। वहीं राजधानी से खाड़ी देशों को होने वाला निर्यात प्रभावित हुआ है।

 

कारोबारी बताते हैं कि हवाई और समुद्री मार्ग बाधित होने से माल अटका हुआ है और हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो कीमतों में और उछाल आ सकता है। यूपी सराफा एसोसिएशन के महामंत्री रविंद्र नाथ रस्तोगी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ने पर सोना और चांदी के दामों में अस्थिरता आना सामान्य है। पिछले एक सप्ताह में सोने के दाम लगभग 9,500 रुपये और चांदी के दाम करीब 23,000 रुपये बढ़े हैं। 

होली के कारण सामान्यतः बाजार सुस्त रहता है, लेकिन मौजूदा हालात में कीमतों में फिर तेजी देखी जा रही है। लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष वर्मा ने बताया कि बढ़ती कीमतों के कारण बाजार में ग्राहकों की संख्या कम हो गई है और अगले कारोबारी दिन भाव में और तेजी की संभावना है।

पिस्ता, केसर और अंजीर हुए महंगे

ईरान से आयात होने वाले सूखे मेवों पर हमले का सीधा असर पड़ा है। थोक कारोबारी कमल अग्रवाल के मुताबिक समुद्री और हवाई मार्ग प्रभावित होने से आयात बाधित हो गया है, जिससे थोक बाजार में एक दिन में ही करीब 50 रुपये तक की तेजी दर्ज की गई। हरा पिस्ता 1,800 रुपये से बढ़कर 1,850 रुपये प्रति किलो और पेशावरी पिस्ता 3,000 रुपये से बढ़कर 3,100 रुपये प्रति किलो हो गया है।

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वहीं, 800 रुपये किलो बिकने वाला अंजीर 850 रुपये तक पहुंच गया, जबकि केसर की एक ग्राम डिब्बी 240 रुपये से बढ़कर 280 रुपये हो गई है। बादाम, अखरोट और किशमिश की आपूर्ति जम्मू-कश्मीर से होने के कारण उनमें फिलहाल स्थिरता बनी हुई है।

चिकन के कपड़ों का निर्यात प्रभावित

निर्यातक नितेश अग्रवाल ने बताया कि लखनऊ से सबसे अधिक निर्यात अमेरिका और यूरोप को होता है, जबकि खाड़ी देश तीसरे स्थान पर हैं। दुबई, ओमान और बहरीन के लिए भेजी जाने वाली शिपमेंट समुद्री और हवाई मार्ग बाधित होने से रुक गई है। जो माल भेजा जा चुका था, वह भी रास्ते में अटका हुआ है।

खाड़ी देशों में जीरो फीसदी ड्यूटी होने से व्यापार तेज हुआ था, लेकिन मौजूदा तनाव के कारण निर्यातकों को भुगतान अटकने की चिंता है। एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (ईसीजीसी) के तहत बीमा होने के बावजूद युद्ध जैसी परिस्थितियों में जोखिम बढ़ जाता है, इसलिए नए ऑर्डर सावधानी से लिए जा रहे हैं।

खजूर के दाम बढ़ने की आशंका

नवीन मंडी के खजूर व्यापारी मोहम्मद दानिश के अनुसार देश में ईरानी खजूर की मांग सबसे अधिक रहती है। फिलहाल बाजार में स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन नए ऑर्डर सीमित मात्रा में दिए जा रहे हैं। रमजान के दौरान मांग बढ़ने पर यदि आपूर्ति प्रभावित रही तो कीमतें 150-200 रुपये प्रति किलो से बढ़कर दो से ढाई गुना तक पहुंच सकती हैं। बड़े कारोबारी संदीप गुप्ता ने भी बाजार में संभावित तेजी की आशंका जताई है।

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