अवैध जैविक सामग्री: जैविक सामग्री के तस्करी के आरोप में 1 और चीनी वैज्ञानिक हुआ गिरफ्तार, बीते सप्ताह भी 2 लोगों को पकड़ा था

Spread the love

 

मेरिका में अवैध जैविक सामग्री की तस्करी मामले में एक और चीनी वैज्ञानिक को गिरफ्तार किया गया है। अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा में क्षेत्रीय प्रमुख जॉन नोवाक ने इस बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि रविवार को अमेरिका पहुंचते ही डेट्रॉयट हवाई अड्डे पर चीनी वैज्ञानिक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। एफबीआई ने बताया कि गिरफ्तार चीनी वैज्ञानिक वुहान में हुआझोंग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में एडवांस डिग्री हासिल कर रही हैं। उसने मिशिगन यूनिवर्सिटी में एक प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए एक साल बिताने की योजना बनाई थी।

इस वैज्ञानिक पर आरोप है कि उन्होंने महीनों पहले मिशिगन विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला में कर्मचारियों को जैविक सामग्री भेजी थी। एफबीआई ने मामले में अदालत में दाखिल अपने दस्तावेज में कहा है कि यह सामग्री कुछ खास किस्म के फंगस से संबंधित है। इसके लिए सरकार की अनुमति की आवश्यकता होती है।

वहीं,जॉन नोवाक ने कहा कि शोध उद्देश्यों के लिए अमेरिका में जैविक सामग्री के आयात के दिशानिर्देश कड़े लेकिन स्पष्ट हैं। इस तरह की तस्करी से अन्य अतिथि शोधकर्ताओं के वैध कार्य को कमजोर होते हैं  और उन्हें संदेह का सामना करना पड़ता है।

बता दें कि बीते 10 दिनों में जैविक सामग्री की तस्करी से जुड़ा यह दूसरा मामला है। इससे पहले बीते सप्ताह ट्रंप सरकार ने एक जोड़े को खतरनाक फंगस की अमेरिका में तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया था। इन दोनों पर अमेरिका में एग्रो टेररिज्म (कृषि-आतंकवाद) फैलाने का आरोप लगाया गया है।

और पढ़े  जन्मदिन पर सौरव गांगुली को मिला बड़ा तोहफा, आईसीसी हॉल ऑफ फेम में हुए शामिल, जय शाह को दिया धन्यवाद

चीन के दो नागरिकों पर क्या आरोप लगे हैं?
अमेरिका में मिशिगन के पूर्वी जिले में स्थित अटॉर्नी ऑफिस ने दो चीनी नागरिकों के खिलाफ आरोप तय करने की जानकारी दी। इसमें बताया गया था कि 33 वर्षीय यूनकिंग जियान और 34 वर्षीय जुनयोंग लियु पर साजिश रचने, तस्करी करने, झूठे बयान देने और वीजा धोखाधड़ी करने के आरोप तय हुए हैं। न्याय विभाग में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि दोनों चीनी नागरिक अमेरिका में एक खास तरह की फंगस लाने की साजिश रच रहे थे, जो कि फसलों में ‘हेड ब्लाइट’ यानी एक खास तरह की बीमारी फैला सकते हैं।


Spread the love
  • Related Posts

    न्यूजीलैंड से एफटीए को पीएम मोदी ने बताया मील का पत्थर,कई समझौते को मंजूरी

    Spread the love

    Spread the loveप्रधानमंत्री मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के आखिरी पड़ाव पर न्यूजीलैंड पहुंचे हैं। 40 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला न्यूजीलैंड दौरा है। पीएम की…


    Spread the love

    आफत की बारिश: पहाड़ों से मैदानी इलाकों तक मानसून का कहर, भूस्खलन और बाढ़ से मची तबाही, IMD ने जारी किया अलर्ट

    Spread the love

    Spread the loveपूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने के बाद झमाझम बारिश हो रही है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, विशेषतौर पर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तो बारिश प्रचंड चरण…


    Spread the love