आर्थिक गति बनी रही तो 2047 तक भारत बन सकता है समृद्ध राष्ट्र, जानें क्यों हो रहा ये दावा

Spread the love

भारत को दुनिया एक उभरती हुई आर्थिक शक्ति के रूप में देख रही है। 2047 में अपनी आजादी के 100 साल पूरा करने पर देश एक समृद्ध राष्ट्र बन सकता है। यह दावा वाशिंगटन एक्सामिनर की एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दशक में भारत ने मजबूत आर्थिक वृद्धि दर्ज की है।

 

2003 से अब तक भारतीय अर्थव्यवस्था ने औसतन 7 फीसदी से अधिक  वार्षिक वृद्धि दर हासिल की है। अगर यह आर्थिक गति अगले 20 साल तक बनी रहती है तो भारत उच्च-आय श्रेणी को पार कर सकता है। 2025 की कीमतों पर प्रति व्यक्ति जीडीपी 15,000 डॉलर के  पार निकल सकती है। लगातार इस स्तर पर वृद्धि करने से भारत मध्य-आय के जाल यानी मध्य आय वर्ग से बाहर निकलने में सफल हो सकता है। ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की जैसी विकासशील अर्थव्यवस्थाएं इस जाल में उलझकर रह गई हैं।

 

भारत की वृद्धि के प्रमुख कारण
भारत की आर्थिक संभावनाओं को कई सकारात्मक बातों से समर्थन मिल रहा है। इसमें सरकार की प्रगतिशील नीतियां, जनसांख्यिकीय ताकत और बढ़ता हुआ तकनीकी आधार है। भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। इसकी औसत आयु लगभग 28 साल है। यह अमेरिका और चीन के मुकाबले काफी कम है। आने वाले दशक में बड़ी संख्या में युवा श्रम बाजार में प्रवेश करेंगे। इससे उत्पादकता में वृद्धि होगी और उपभोक्ता मांग बढ़ेगी। यह जनसांख्यिकीय प्रवृत्ति घरेलू बाजार को मजबूत करेगी और भारत को निर्यात पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।

बुनियादी ढांचे में निवेश
भारत के नीति निर्माता उत्पादकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सड़कें, हवाई अड्डे, बंदरगाह और लॉजिस्टिक कॉरिडोर जैसे बुनियादी ढांचों में निवेश तेजी से हो रहा है। एक कुशल परिवहन नेटवर्क आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करेगा और घरेलू अर्थव्यवस्था के विस्तार में मदद करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में बदलाव भी भारत के पक्ष में जा रहा है। अमेरिकी कंपनियां चीन से अपना कारोबार बाहर निकाल रही हैं। एपल जैसी बड़ी कंपनियां भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं। इससे पूंजी और तकनीक के साथ विशेषज्ञता भारत में आ रही है। ये उत्पादकता और नवाचार को बढ़ा सकती है।

भारत की डिजिटल ताकत
भारत का डिजिटल बुनियादी ढांचा भी इसकी वृद्धि में अहम भूमिका निभा रहा है। नागरिक पहचान प्रणालियां, मोबाइल भुगतान और ऑनलाइन सार्वजनिक सेवाएं लाखों लोगों को अर्थव्यवस्था से जोड़ने में मदद कर रही हैं। यह डिजिटल दक्षता को बढ़ा रहा है। कर राजस्व में सुधार हो रहा है और छोटे व्यवसायों को फंडिंग मजबूत हो रही है।

और पढ़े  NEET UG- नीट यूजी रद्द होने के बाद NTA को बदलने की मांग, FAIMA ने SC में दायर की याचिका

स्टार्टअप इकोसिस्टम से बड़े बदलाव
भारत का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम एक बड़ी ताकत है। ये नई टेक्नोलॉजी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में नए प्रयोगों को बढ़ावा दे रही है। ये विकास भारत को उच्च मूल्य वाली चीजों की ओर ले जा रहे हैं।


Spread the love
  • Related Posts

    यूएई के राष्‍ट्रपति से मिले PM मोदी,भारत में $5 अरब का निवेश करेगा यूएई, रक्षा, ऊर्जा और गैस सप्लाई पर हुए कई अहम समझौते

    Spread the love

    Spread the love     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की आधिकारिक यात्रा पर पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और…


    Spread the love

    NEET- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का एलान- अगले साल ऑनलाइन होगी परीक्षा,15 मिनट का समय बढ़ाया..

    Spread the love

    Spread the loveराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) नीट यूजी-2026 की दोबारा परीक्षा की नई तारीख की घोषणा कर दी है। परीक्षा की नई तारीख 21 जून तय की गई है। तारीख…


    Spread the love