सिक्किम सुरंग हादसे में अब तक 8 श्रमिकों की मौत,NHPC के निर्माणाधीन सुरंग में कितने फंसे?

सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग (झोलुंगे) में स्थित एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। जिला प्रशासन के अनुसार, इस हादसे में अब तक आठ मजदूरों के मौत की पुष्टि हो चुकी है। पढ़ें…

 

अभी तक भूस्खलन के सटीक कारण का नहीं चल सका पता

अधिकारियों के अनुसार, गैस का स्तर इतना अधिक है कि बचावकर्मी अभी तक उस स्थान तक नहीं पहुंच पाए हैं जहां मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। कई बचावकर्मियों को अंदर संपर्क स्थापित करने से पहले ही वापस लौटना पड़ा। प्रशासन अभी तक भूस्खलन के सटीक कारण का पता नहीं लगा पाया है। फंसे लोगों की संख्या को लेकर भी अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। नामची जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने कहा कि जब तक एनडीआरएफ टीम फंसे हुए लोगों के सटीक स्थान तक नहीं पहुंच जाती, तब तक अंदर की स्थिति की पुष्टि नहीं की जा सकती। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उनकी पहली और सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरंग के भीतर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।

जहरीली गैस के कारण बचाव में आई परेशानी

पश्चिम बंगाल से विशेष गैस-प्रोटेक्टिव उपकरणों से लैस विशेषज्ञ बचाव दल भी अभियान में शामिल किया गया है। जहरीली गैस के कारण कई बचावकर्मियों को चक्कर आने और तबीयत बिगड़ने की भी सूचना है। जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया कि सुरंग के भीतर वेंटिलेशन बेहतर करने और सुरक्षित तरीके से फंसे मजदूरों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं। बचावकर्मी गैस मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से अभियान चला रहे हैं, जबकि एंबुलेंस और चिकित्सा दल भी मौके पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि शुरू में रेस्क्यू करने गए तीन लोगों में से एक की हालत खराब हो गई, जिन्हें रंगपो सीएचसी में भर्ती कराया गया है।

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तामलिंग ने बताया कि सुरंग के भीतर मीथेन गैस की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। पहली एनडीआरएफ टीम ने उन अग्निशमन कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जो घटना के बाद अंदर गए थे। इसके बाद दूसरी एनडीआरएफ टीम सुरंग में दाखिल हुई और बचाव अभियान जारी है। तामलिंग ने कहा, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 19 मजदूर अंदर फंसे थे। बाद में बचाव के लिए पटेल इंजीनियरिंग के तीन कर्मचारी सुरंग में गए, जिनमें से दो भी अंदर फंस गए। इससे कंपनी के कुल 21 लोगों के अंदर होने की आशंका है। इसके अलावा एनएचपीसी के छह कर्मचारी भी सुरंग के भीतर बताए जा रहे हैं, जिससे कुल संख्या 27 तक पहुंचती है। वास्तविक संख्या इससे कम या अधिक भी हो सकती है।

गैस निकालने के दौरा हुआ विस्फोट

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरंग के प्रवेश द्वार से करीब 1.5 किलोमीटर भीतर मीथेन गैस जमा हो गई थी। गैस निकालने की कोशिश के दौरान विस्फोट जैसी स्थिति बनने के बाद सुरंग के भीतर भूस्खलन हुआ, जिससे बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया। कुछ मजदूर समय रहते बाहर निकल आए, जबकि कई अंदर फंस गए। राहत एवं बचाव अभियान गैस रिसाव और ऑक्सीजन की कमी के कारण बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की टीमें मौके पर तैनात है।

बचाव दल ने अब तक आठ शव बरामद किए

आकाशवाणी की रिपोर्ट के मुताबिक, नामची जिले के एसएसपी ने बताया कि बचाव दल ने अब तक आठ शव बरामद किए हैं। आशंका है कि सुरंग के अंदर लगभग 25 लोग फंसे हुए हैं। सुरंग संभवतः भूस्खलन के कारण ढह गई थी।

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