खत्म हुई हरीश की दर्द भरी जंग- आज दिल्ली में किया जाएगा अंतिम संस्कार

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रीश राणा का अंतिम संस्कार आज बुधवार को दक्षिण दिल्ली स्थित ग्रीन पार्क क्षेत्र में किया जाएगा। यह जानकारी उनके पिता अशोक राणा के करीबी मित्र दीपांशु मित्तल ने दी। उन्होंने बताया कि हरीश का जीवन जन्म से लेकर अंतिम यात्रा तक संघर्ष भरा रहा। दिल्ली में जन्मे हरीश पढ़ाई के दौरान चंडीगढ़ में हादसे का शिकार हुए और अब उनकी अंतिम यात्रा भी दिल्ली में ही पूरी होगी। बीते 13 वर्षों का उनका संघर्ष शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है।

Harish Rana last rites performed on Wednesday at Green Park in Delhi

कब क्या हुआ
-20 अगस्त 2013: हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल
-वर्ष 2022: माता-पिता ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की
-8 जुलाई 2024: हाई कोर्ट ने इच्छामृत्यु याचिका खारिज की
-15 जनवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
-11 मार्च 2026: सुप्रीम कोर्ट ने इच्छामृत्यु की अनुमति दी
-14 मार्च 2026: हरीश को एम्स, दिल्ली में भर्ती कराया गया
-24 मार्च 2026: एम्स में निधन

 

 

हर दिल में एक ही सवाल, क्या यही अंत था उस लंबी पीड़ा का
हरीश राणा के निधन ने राज एंपायर सोसायटी में ऐसा ही सन्नाटा छोड़ दिया है, जहां आंसू और राहत दोनों एक साथ महसूस किए जा रहे हैं। एक ओर एक युवा जीवन के चले जाने का गम है तो दूसरी ओर उस अंतहीन पीड़ा से मुक्ति की राहत, जिसे शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं। मंगलवार को हरीश के निधन की खबर मिलते ही सोसायटी का माहौल बदल गया। हर घर में शोक की परछाई दिखाई दी और लोग एक-दूसरे से सवाल करते नजर आए कि आखिर यह संघर्ष इतने लंबे समय तक क्यों चला और क्या इसका अंत इसी रूप में होना तय था।

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एक परिवार नहीं, पूरे समाज की पीड़ा
स्थानीय निवासी दीपांशु मित्तल ने कहा कि यह केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज की पीड़ा है। उनके अनुसार, हरीश के माता-पिता ने जो सहा है, उसे शब्दों में बयां करना संभव नहीं। एक अभिभावक होने के नाते वह इस दर्द को गहराई से महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरी सोसायटी परिवार के साथ खड़ी है।

 

समर्पण की मिसाल बने पिता
सोसायटी निवासी सचिन शर्मा ने इसे एक पिता के समर्पण की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि हरीश के पिता ने अपने बेटे के लिए जो कुछ किया, वह असाधारण है। अंतिम समय तक उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और हर संभव प्रयास किया। उन्होंने यह भी कहा कि नवरात्र के दौरान हरीश का जाना इस घटना को और अधिक भावुक बना देता है।

 

अंतिम विदाई की तैयारी
स्थानीय निवासी राजकुमार ने बताया कि हरीश का अंतिम संस्कार दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क में किया जाएगा। परिवार के रिश्तेदार और परिचित वहां पहुंच चुके हैं, जबकि सोसायटी से भी बड़ी संख्या में लोग अंतिम विदाई देने जाएंगे। उन्होंने कहा कि जीवन का सबसे बड़ा दुख तब आता है, जब पिता को बेटे की अर्थी को कंधा देना पड़ता है। इस कठिन घड़ी में पूरी सोसायटी परिवार के साथ खड़ी है।


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