राष्ट्रवाद के विचार धारा से जुड़ेंगे वनवासी, वनवासियों के लिए अयोध्या में खुला छात्रावास..

Spread the love

अयोध्या –
वनवासी कल्याण आश्रम के द्वारा पूरे देश भर में 241 छात्रावास के माध्यम से समाज से वंचित आदिवासी भवन वासियों को जोड़ने का प्रयास कर रहा है अयोध्या में भी एक वनवासी सेवा ट्रस्ट का छात्रावास का शुभारंभ हुआ है जिसमें उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी के द्वारा लोकार्पण किया गया।

वनवासियों के लिए अयोध्या में खुला छात्रावास

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी में भव्य मंदिर निर्माण के साथ समाज के हर वर्ग को जोड़ने की पहल अयोध्या में किया जा रहा है इसके लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की नहीं सामाजिक संगठन भी अब समाज के प्रत्येक वर्ग को लेकर अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज त्रेता युग के वनवासियोँ को समाज में प्रतिष्ठित करने की योजना को लेकर उनके रहने भोजन के साथ-साथ शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सेवा समर्पण संस्थान के द्वारा निशुल्क छात्रावास का निर्माण किया है जिसका लोकार्पण श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के द्वारा किया गया इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री भी मौजूद रहे।


त्रेतायुग से वनवासियों का राम नगरी का संबंध

राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि आज अयोध्या में बड़ा ही ऐतिहासिक कार्य हुआ है। देश का जो समाज हजारों साल से जंगलों में रहता है सड़क से दूर संचार और आवागमन की आधुनिक सुविधाएं जहां तक पहुंची ही नही जिसे हम से अलग काटने का प्रयास 10 वर्षों तक हुआ। जिनका जीवन पेड़ पौधों और जमीन पर निर्भर करता है। ऐसा वनवासी समाज जिन्होंने भगवान राम का सहयोग किया और आधुनिक काल मे जिन्होंने महाराणा प्रताप का सहयोग किया ऐसे वनवासियों के बच्चों को पढ़ने के लिए निवास और भोजन की व्यवस्था आज सेवा समर्पण संस्थान के माध्यम से हुआ है। यह बहुत बड़ा ऐतिहासिक कार्य हुआ है। जिसमे मैं भी शामिल होंने के लिए आया हूँ।

और पढ़े  छात्रा से दरिंदगी: लखनऊ में 4 दिन तक बंधक बनाकर दुष्कर्म, दिल्ली जाते समय दोस्त ने ट्रेन से उतारा

राष्ट्रवाद के विचार धारा से जुड़ेंगे वनवासी

उत्तर प्रदेश के नव नियुक्त समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम के द्वारा यह संस्थान संचालित होता है यह पूरे देश में चल रहा है जो भी गरीब बच्चे हैं। वनों में रहने वाले आदिवासी वनवसी समाज के लोग हैं जो आज समाज से वंचित हैं। जिनके बच्चों की पढ़ाई लिखाई नहीं हो पा रहा है। राष्ट्र के विचारधारा से नहीं जुड़ पा रहे हैं। ऐसे लोगों के बच्चों को यहां पर पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें रहने और भोजन की भी सुविधाएं दी जाएंगी और इस संस्था के माध्यम से उन्हें विचारधारा में जुड़ने का कार्य हो रहा है।


Spread the love
  • Related Posts

    सूर्या का ‘कातिल’ ढेर: सामने आया हत्या का चौंकाने वाला कारण, 4 इंच तक घुसा था चाकू, खोड़ा कांड की पूरी कहानी

    Spread the love

    Spread the loveगाजियाबाद में ईद उल अजहा पर युवक को चाकू से गोदकर हत्या करने का आरोपी रविवार की सुबह पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। पुलिस ने शव मेडिकल…


    Spread the love

    UP- नई पंचायतों के गठन के पहले पुराने प्रधानों को मिली जिम्मेदारी, पर नहीं ले सकेंगे ये बड़े फैसले

    Spread the love

    Spread the loveपंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायतों के गठन तक गांवों में प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार ने पुराने ग्राम प्रधानों को प्रभारी बना…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *