फैजान खान सहित कुल दस लोगों को इस धोखाधड़ी का मुख्य षडयंत्रकर्ता बताया गया है। इनके खिलाफ भारत के कई जिलों में भी एफआईआर दर्ज हैं। शिकायतकर्ता महेश कुमार वर्मा ने स्वयं 6.50 लाख रुपये का निवेश किया था। उनके अलावा, हरिश हितैषी ने दो लाख रुपये और मांगेराम ने तीन लाख रुपये का निवेश किया। संजय एलआईसी पिलखुवा और उनके स्टाफ ने करीब 36 लाख रुपये लगाए। आनंद राणा की टीम ने लगभग एक करोड़ रुपये का निवेश किया। गाजियाबाद जिले के सैकड़ों लोगों ने इन कंपनियों में करोड़ों रुपये का निवेश किया था। उपनिरीक्षक हरिओम को मामले की जांच सौंपी गई है।







