अंत: प्रेमी जोड़े ने एक साथ दी जान, 7 माह पहले हुआ विवाह, बेटी का चेहरा देखने तक न आए माता-पिता

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प्रेम विवाह के बाद सामाजिक और पारिवारिक चुनौतियों के बीच जीवन शुरू करने वाले रितेश और पूजा की खुदकुशी ने इलाके को झकझोर दिया है। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की वजह से मौत की पुष्टि हुई। शाम को शव जिंदा छपरा गांव लाया गया।

दोनों की प्रेम कहानी और साथ जीने मरने की कसम खाने की चर्चा लोगों की जुबान पर रही। रितेश के पिता दयानिधि ने पूजा के घर पर अंतिम दर्शन के लिए आने को कहा लेकिन कोई नहीं आया। पनियहवा घाट पर दोनों का एक ही चिता पर दाह संस्कार किया गया।

हनुमानगंज क्षेत्र के जिंदा छपरा के रितेश भारती और पूजा ने करीब सात माह पूर्व घर वालों के मर्जी के बिना कोर्ट मैरिज की थी। बुधवार को दोपहर में दोनों में विवाद हो गया। इससे नाराज होकर रितेश घर से निकल गया। कुछ देर बाद पूजा भी निकल गई। करीब दो घंटे बाद पेड़ में फंदे से लटका दोनों का शव दिखा।

 

शोर सुनकर गांव के लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। दोनों के परिजनों ने पुलिस से किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद दोपहर बाद दोनों शव गांव लाए गए।

बेटे और बहू के शव से लिपटकर रितेश की मां बिलख रही थी। मां, बुजुर्ग दादा और दादी को रोता देख दरवाजे पर जुटे लोगों की आंखें नम हो गई। इस घटना से गांव में मातम छाया है। रितेश का पिता दयानिधि ने दोनों शवों को मुखाग्नि दी। इस दौरान पुलिस मौजूद रही।

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कुश्ती का था शौकीन
रितेश कुश्ती का शौकीन था और क्षेत्र में उभरते पहलवान के रूप में उसकी पहचान थी। उसके असमय निधन से युवाओं में भी शोक है। गांव वालों ने बताया कि रितेश काफी मिलनसार था। गांव में किसी के सुख दुख में शामिल होता था। शादी के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था। घर वालों ने शादी का विरोध जरूर किया था लेकिन शादी के बाद अपना लिया था। पिता दयानिधि ने बताया कि मजदूरी कर बेटे को पढ़ाना चाहता था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने से मौत की पुष्टि हुई है। मामले की जांच की जा रही है। दोनों परिवारों के लोगों के अलग-अलग तर्क हैं। पुलिस की मौजूदगी में शवों का दाह संस्कार करा दिया गया। – वीके सिंह, सीओ खड्डा

दूसरी शादी के लिए मां बना रही थी दबाव, पूजा ने कर दिया था मना
चार दिन पहले ई-रिक्शा से रिश्तेदार के घर पूजा को ले गई थी उसकी मां
खड्डा/छितौनी। पूजा और रितेश की प्रेम कहानी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान करीब डेढ़ साल पूर्व शुरू हुई। नजदीकियां बढ़ीं और दोनों ने एक साथ जीने-मरने की कसम खा ली। गैर जाति होने के कारण दोनों के परिजन शादी के लिए राजी नहीं हुए, तो जातीय बंधन तोड़कर पूजा शर्मा और रितेश भारती ने सात माह पूर्व कोर्ट मैरिज कर ली।

पोस्टमार्टम हाउस पर आए रितेश के दादा कविलाश ने बताया कि सब कुछ ठीक चल रहा था, जब से पूजा अपनी मां से मोबाइल पर बात करने लगी, तब से विवाद बढ़ने लगा। मां से बात करने का रितेश अक्सर विरोध करता था। जिद में आकर दोनों ने आत्मघाती कदम उठा लिया। कविलाश प्रसाद ने बताया कि घटना से चार दिन पूर्व पूजा की मां ई-रिक्शा से आई और उसे लेकर चली गई।

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खड्डा कस्बे के पास किसी रिश्तेदार के घर रखी थी। उस पर दूसरी शादी के लिए दबाव बना रही थी लेकिन पूजा नहीं मानी। देर शाम पूजा की मां ने फोन कर बताया कि पूजा एक परिचित के घर है। घर नहीं आई है। आकर तुम लोग ले जाओ। गांव के एक युवक की बाइक से रितेश की मां गई और पूजा को लेकर आई। पूजा दूसरी शादी करने के पक्ष में कभी नहीं थी।

घटना से एक दिन पूर्व रितेश गोरखपुर के एक कॉलेज में इंटर में नामांकन कराकर घर आया था। घटना के दिन खिड़की के पास अपनी मां से मोबाइल पर पूजा बात कर रही थी। रितेश ने इसका विरोध किया।

 

कारण कि जब से पूजा अपनी मां से बात करने लगी थी, तब से दोनों में विवाद बढ़ गया था। दोनों एक-दूसरे को बहुत मानते थे लेकिन दोनों खुदकुशी एक साथ कर लेंगे, ऐसा कभी हम लोगों ने नहीं सोचा था। हालांकि, घटना के बाद पूजा की मां ने पुलिस को बताई कि वह रितेश के साथ नहीं रहना चाहती है। उसे वह प्रताड़ित करता है।


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