जनता को नहीं पता पेलेट गन क्या होती है..पूर्व एसीपी केपी कुकरेती

दिल्ली पुलिस महासंघ ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित की। इसमें पूर्व एसीपी केपी कुकरेती ने संसद में बैठे नेताओं के पुलिस कार्रवाई संबंधी बयानों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ये नेता पुलिस अधिकारी या कानूनी विशेषज्ञ नहीं हैं।

कुकरेती ने केंद्रीय गृह मंत्री को सीधे जिम्मेदार ठहराने वाले बयानों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने पेलेट गन के बारे में जनता में फैलाई जा रही गलतफहमी को भी दूर किया। कुकरेती ने स्पष्ट किया कि आम जनता को पेलेट गन की सही जानकारी नहीं है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराना भ्रामक बताया।
पूर्व एसीपी ने छात्रों के सांविधानिक और मौलिक अधिकारों का समर्थन किया। उन्होंने स्वीकार किया कि विरोध प्रदर्शन होते हैं और होने भी चाहिए। हालांकि, उन्होंने भीड़ नियंत्रण को एक अलग विषय बताया। कुकरेती ने कहा कि भीड़ को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन जब भीड़ हिंसक और अनियंत्रित हो जाती है, तो स्थिति बदल जाती है।
कुकरेती ने बताया कि जब कोई भीड़ हिंसक हो जाती है, तो उसका हर सदस्य जिम्मेदार होता है। उन्होंने कहा कि जब भीड़ उन्मादी होकर पत्थर, लाठी और अन्य वस्तुएं फेंकती है। बैरिकेड तोड़ती है और धारा 163 की चेतावनियों को नजरअंदाज करती है। ऐसे में पुलिस के पास बहुत कम विकल्प बचते हैं। उन्होंने कहा कि चरम परिस्थितियों में गोलीबारी अपरिहार्य हो सकती है और कानून भी इसकी अनुमति देता है।
पूर्व एसीपी ने जोर देकर कहा कि जब किसी पुलिस अधिकारी का जीवन सीधे खतरे में होता है। तब उन्हें मौके पर आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार होता है। ऐसे समय में राज्यपाल, मुख्यमंत्री या गृह मंत्री मौके पर मौजूद नहीं होते हैं। जमीन पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारी को अपनी जान, जनता और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा का निर्णय लेना होता है। कुकरेती ने संसद पर लोगों का हमला करना अराजकता का सबसे बड़ा कार्य बताया।
और पढ़े  मन की बात- बिहार का मखाना पहुंच रहा ग्रीस: मन की बात कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी, त्योहारी मौसम के लिए की क्या अपील?
  • Related Posts

    सीईसी के खिलाफ विपक्ष का जन महाभियोग अभियान टला,मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इंडिया गठबंधन की थी ये तैयारी

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज इंडिया गठबंधन का प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ होगा। खरगे के आवास पर होने वाले इस आयोजन में एसआईआर , वोट चोरी और मतदाता…

    भूटान में ग्लेशियर झील फटने से मची तबाही: अब भारत में बढ़ी चिंता, पश्चिम बंगाल और असम में बाढ़ की चेतावनी जारी

    उत्तर-पश्चिमी भूटान के गासा जिले में शिंताफू झील में ‘ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ (ग्लेशियर झील के फटने से आई बाढ़) की घटना सामने आई है, जिसके चलते पश्चिम बंगाल और…