आबकारी निरीक्षक ने की खुदकुशी:- आबकारी निरीक्षक आलोक कुमार श्रीवास्तव ने सीतापुर में गोली मारकर की आत्महत्या

Spread the love

 

बांदा के आबकारी निरीक्षक आलोक कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार दोपहर बाद सीतापुर में कार को भीतर से लॉक करके गोली मार ली। कार में ही उनका सर्विस रिवॉल्वर भी मिला। पिता ने मैकेनिक से कार का लॉक खुलवाकर उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने आलोक को मृत घोषित कर दिया। उनकी बांयी कनपटी पर गोली लगी है। पुलिस ने महिला दोस्त को संदिग्ध मान पूछताछ की। उसके दुपट्टे में ही सुसाइड नोट फंसा मिला था।

आलोक शिवपुरी मोहल्ले के रहने वाले थे। बांदा जनपद में आबकारी निरीक्षक के पद पर तैनात थे। पत्नी अमृता श्रीवास्तव भी बांदा में सहायक आबकारी आयुक्त हैं। परिजनों के मुताबिक आलोक छुट्टी लेकर घर आए थे। यहां उनके पुत्र अयान कुमार और एक पुत्री है। मंगलवार सुबह वह किसी काम से कार से निकले थे। कुछ देर बाद वैदेही वाटिका के पास बंद कार में उनके निढाल पड़े होने की सूचना मिली।

पिता ईश्वर दयाल के मुताबिक कार अंदर से लॉक थी। करीब ढाई बजे आलोक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या प्रतीत हो रही है। सुसाइड नोट को जांच के लिए भेजा गया है। एक महिला से पूछताछ की गई है।

परिचित महिला ने दिखाया सुसाइड नोट

आलोक को जब जिला अस्पताल लाया गया तो साथ में एक महिला भी थी। महिला के मुताबिक वह आलोक और उनकी पत्नी की दोस्त है। महिला के मुताबिक उसके दुपट्टे में ही सुसाइड नोट फंसा था, जो कि पुलिस ने जब्त किया है। दुपट्टे पर खून के निशान भी मिले, जो महिला ने खुद पुलिस को दिखाए।

विरोधाभासी है सुसाइड नोट, जांच से खुलेगा राज

और पढ़े  अयोध्या- ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रात्रि चौपाल में करेंगे प्रवास

सीतापुर। बांदा के आबकारी निरीक्षक आलोक कुमार श्रीवास्तव की आत्महत्या का राज गहरा गया है। पुलिस उनकी कथित महिला मित्र के बयान और सुसाइड नोट को संदिग्ध मान रही है। फिलहाल पूछताछ के बाद महिला को छोड़ दिया गया है। वहीं, देर रात तक पुलिस को तहरीर नहीं मिली। एसएचओ अनूप शुक्ला ने बताया कि अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।

महिला के माध्यम से सुसाइड नोट मिला है। उसे जांच के लिए भेजा गया है। महिला से भी पूछताछ की गई है। सूत्रों के मुताबिक सुसाइड नोट में आलोक ने आबकारी विभाग के लिए लिखा है कि वह छह वर्ष पहले अयोध्या में तैनात थे। तभी उनको निलंबित कर दिया गया था। अब उनकी बहाली हो गई है। इसके बाद भी सर्किल में तैनाती नहीं मिल रही है। बस मुख्यालय से संबद्ध रखा गया है। काफी परेशान होकर यह कदम उठा रहे हैं। इसके लिए कोई भी जिम्मेदार या दोषी नहीं है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक आलोक का सीतापुर-लखीमपुर मार्ग पर एक फार्म हाउस भी है। आलोक मंगलवार को वहीं गए थे। वहां से निकलने के बाद उनका शव कार के भीतर मिला। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि फार्म हाउस पर ऐसा क्या हुआ कि लौटने के बाद ही उन्होंने सुसाइड कर लिया। फिलहाल पुलिस अभी हालात पर नजर रखे है। आलोक की पत्नी से भी पूछताछ की जा सकती है। वहीं, सुसाइड नोट की जांच में भी यह स्पष्ट हो जाएगा कि नोट उन्होंने ही लिखा है या फिर किसी और ने।

घटना को लेकर शिवपुरी मोहल्ले के लोग स्तब्ध हैं। उनका कहना है कि आलोक मिलनसार थे। वह अक्सर हंसते दिखते थे। वह आत्महत्या जैसा कदम उठाएंगे कभी सोचा नहीं था। पिता का रो रोकर बुरा हाल है। आलोक के दोनों बच्चों का भी रो रोकर बुरा हाल है।

और पढ़े  भीषण हादसा: बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत, डिलीवरी बॉय समेत दो की मौत, एक गंभीर

Spread the love
  • Related Posts

    अयोध्या-  जनचौपाल में समस्याओं पर मंथन, समाधान की दिशा में कदम

    Spread the love

    Spread the love   पूराबाजार ब्लॉक कार्यालय पर आयोजित दो दिवसीय जनकल्याण शिविर का मंगलवार को समापन हो गया। शिविर के दूसरे दिन विधायक वेद प्रकाश गुप्ता की अध्यक्षता में…


    Spread the love

    3 घंटे तांडव: तोड़फोड़ और पथराव, 11 पुलिसकर्मी घायल, युवक की मौत पर फूटा गुस्सा

    Spread the love

    Spread the loveआगरा के फतेहाबाद में फिरोजाबाद मार्ग पर पूठपुरा गांव के पास सोमवार को थार कार की टक्कर से बाइक सवार मनीष (22) की मौत होने पर जमकर बवाल…


    Spread the love