मुख्यमंत्री मान के खिलाफ अकाल तख्त का हुक्मनामा, पूरी कैबिनेट और सिख विधायक तलब, इन नेताओं पर भी हुई कार्रवाई

Spread the love

श्री अकाल तख्त साहिब से सोमवार को पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ कई अहम फैसलों की घोषणा की गई। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि बेअदबी कानून में संशोधन संबंधी निर्देशों की अनदेखी और अन्य मामलों को लेकर मुख्यमंत्री के खिलाफ हुक्मनामा जारी किया गया है। साथ ही 29 जून को पंजाब मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और संबंधित सिख विधायकों को श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने के लिए तलब किया गया है। इस संबंध में सभी हिंदू विधायकों से लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा है।

 

श्री अकाल तख्त साहिब पर हुई बैठक के बाद जत्थेदार ने कहा कि सिख पंथ की ओर से पंजाब सरकार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी कानून में मौजूद आपत्तिजनक प्रावधानों को हटाने के लिए कहा गया था। इस संबंध में सरकार को पत्र लिखकर 15 दिन के भीतर संशोधन करने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसे श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों की अवहेलना बताया गया।

जत्थेदार ने कहा कि सिख पंथ किसी भी स्थिति में बिना संशोधित कानून को लागू नहीं होने देगा। उनका कहना था कि बिल में ऐसे प्रावधान हैं जिन पर सिख समुदाय ने आपत्ति जताई है और इन्हें हटाए बिना कानून स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा और सर्वोच्चता से समझौता नहीं किया जा सकता। इसी कारण इस बिल को समर्थन देने वाले सभी सिख विधायकों और पंजाब सरकार की पूरी कैबिनेट को 29 जून को तलब किया गया है ताकि वे अपना पक्ष रख सकें।

वहीं, आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि सरकार अकाल तख्त के हुक्मनामे का सम्मान करती है और इस संदर्भ में विमर्श करेगी। उनके अनुसार, सरकार का हमेशा से रुख सिख भावनाओं के प्रति संवेदनशील रहा है और कानून में जहां भी आपत्ति है, उस पर निर्णय लेने से पहले सभी पक्षों को सुना जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को पहले भी स्पष्ट रूप से आगाह किया गया था कि सिख भावनाओं से जुड़े इस विषय पर जल्द फैसला लिया जाए। बावजूद इसके कोई संशोधन नहीं किया गया। इसी वजह से पंथक स्तर पर सख्त रुख अपनाने का फैसला लिया गया है।

मुख्यमंत्री को पंथ का विरोधी घोषित किया
बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वीडियो मामले का भी जिक्र किया गया। जत्थेदार ने कहा कि निजी फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर वीडियो को वास्तविक माना गया है। इसके आधार पर मुख्यमंत्री को गुरुद्रोही और खालसा पंथ का विरोधी घोषित किया गया तथा गुरु खालसा को उनसे सामाजिक दूरी बनाए रखने का आदेश दिया गया। जत्थेदार ने बताया कि इस पूरे मामले पर सिख बुद्धिजीवियों और कानूनी विशेषज्ञों से भी विचार-विमर्श किया गया था।

हुक्मनामा और धार्मिक कार्रवाई में अंतर
धार्मिक मामलों के जानकार प्रो. सरचांद सिंह के अनुसार श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी सभी आदेश एक जैसे नहीं होते। कुछ मामलों में संबंधित व्यक्ति को तलब किया जाता है जबकि कुछ मामलों में उसे तनखाहिया घोषित किया जाता है। गंभीर मामलों में हुक्मनामा जारी कर सिख समुदाय को संबंधित व्यक्ति से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए जाते हैं। उनका कहना है कि भगवंत मान को तनखाहिया घोषित नहीं किया जा सकता क्योंकि उन्हें पतित सिख माना जाता है। ऐसे मामलों में श्री अकाल तख्त केवल आदेश जारी कर सकता है।

सिख मंत्री-विधायक पद छोड़ें : सुखबीर बादल
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के बाद सरकार और सत्ताधारी पार्टी से जुड़े सभी सिख सदस्यों को अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था लेकिन उन्होंने अपेक्षित सहयोग नहीं किया। बादल ने दावा किया कि श्री अकाल तख्त साहिब की जांच में विवादित वीडियो को वास्तविक पाया गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए अकाली दल की कोर कमेटी की आपात बैठक 17 जून को चंडीगढ़ में बुलाई गई है।

सीएम मान को बदनाम करने की नाकाम कोशिश है कथित फोरेंसिक रिपोर्ट : पन्नू
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को बदनाम करने के लिए कथित फोरेंसिक रिपोर्ट का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने इसे शिरोमणि अकाली दल की नाकाम राजनीतिक चाल करार दिया। सोमवार को प्रेसवार्ता में पन्नू ने कहा कि संबंधित रिपोर्ट से यह साबित नहीं होता कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति कौन है। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट व्यक्ति की पहचान स्थापित करने में पूरी तरह असफल रही है। पन्नू ने कहा कि आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने रखेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज एक विशेष राजनीतिक दल के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं। पन्नू ने कहा कि सिखों की सर्वोच्च संस्था को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाना चाहिए और उसमें राजनीति करना उचित नहीं है। पन्नू ने कहा कि अकाली दल की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि जिस आप सरकार की वह आलोचना करता रहा है उसी सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी रोकने के लिए सत्कार एक्ट में ऐतिहासिक बदलाव कर सख्त कानून लागू किया है। उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों के तहत बेअदबी के दोषियों को कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा।

सुरजीत सिंह बरनाला से लेकर प्रकाश सिंह बादल तक कई नेताओं पर हुई है कार्रवाई
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी ताजा पंथक आदेश के बाद एक बार फिर उन मामलों की चर्चा तेज हो गई है जब पंजाब के मुख्यमंत्री और अन्य बड़े राजनीतिक नेता अकाल तख्त की धार्मिक कार्रवाई के दायरे में आए थे।

इससे पहले वर्ष 2024 में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से पंथ रत्न फख्र-ए-कौम सम्मान वापस ले लिया गया था। यह कार्रवाई डेरा सिरसा प्रमुख को माफी दिए जाने और 2015 की बेअदबी घटनाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान हुई थी। वहीं शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को भी तनखाहिया घोषित कर धार्मिक सेवा करने के निर्देश दिए गए थे।

और पढ़े  PM मोदी से मिलने दिल्ली पहुंचे सुखबीर बादल, संसद भवन में हुई मुलाकात, केजरीवाल ने कसा तंज

वर्ष 1986 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सुरजीत सिंह बरनाला को स्वर्ण मंदिर में पुलिस कार्रवाई के आदेश के बाद तंखैया घोषित किया गया था। बाद में उन्होंने माफी मांगकर दोबारा स्वीकार्यता प्राप्त की। 1990 के दशक में मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की सरकार के खिलाफ भी सिख संगठनों ने अकाल तख्त से हस्तक्षेप की मांग की थी।

पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह और पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के खिलाफ भी अकाल तख्त से आदेश जारी हुए थे। हालांकि ये आदेश उनके पद छोड़ने के बाद दिए गए थे। पंथक हलकों में अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या वे श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखते हैं।

Spread the love
  • Related Posts

    अब पाकिस्तानी ड्रोन पकड़वाने पर मिलेगा बड़ा इनाम: पंजाब पुलिस का एलान, नशा तस्करों पर लगेगी लगाम

    Spread the love

    Spread the loveसरहद पर हेरोइन-असलहा की खेप से लदे पाकिस्तानी ड्रोनों की भरमार को देखते हुए पंजाब पुलिस और बीएसएफ ने सीमावर्ती गांवों में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन तेज कर…


    Spread the love

    पंजाब के कर्मचारी-पेंशनर्स का हल्ला बोल, विधानसभा घेराव के लिए बढ़े

    Spread the love

    Spread the loveपंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता (डीए) नहीं दिए जाने के विरोध में शुक्रवार को हजारों कर्मचारी और पेंशनर चंडीगढ़ सेक्टर 39 की अनाज मंडी…


    Spread the love