पिछले हफ्ते टर्बुलेंस (हवा के तेज झटकों) का सामना करने वाले एअर इंडिया के विमान को उड़ाने वाले एक पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव आया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने रविवार को बताया कि दिल्ली में विमान उतरने के बाद हुई जांच में पायलट-इन-कमांड साइकोएक्टिव पदार्थ (नशीले पदार्थ) के लिए पॉजिटिव पाया गया, इसके चलते एक और टेस्ट किया गया है।
- कोई क्रू सदस्य पहली बार ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव मिलता है तो नियमों के मुताबिक उसे रिहैबिलिटेशन सेंटर भेजा जाता है। नेगेटिव डोप टेस्ट रिपोर्ट से वह काम पर लौट सकता हैतीन बार पॉजिटिव पाए जाने पर लाइसेंस रद्द
- कोई क्रू सदस्य पहली बार ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव मिलता है तो नियमों के मुताबिक उसे रिहैबिलिटेशन सेंटर भेजा जाता है। नेगेटिव डोप टेस्ट रिपोर्ट से वह काम पर लौट सकता है
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- दूसरी बार में लाइसेंस तीन वर्ष के लिए निलंबित, जबकि तीसरी बार दोषी मिलने पर लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
लेजर से ध्यान भटका, विमान आसमान में अटका
रविवार को ही मलयेशिया एयरलाइंस की उड़ान एमएच-184 पर लेजर लाइट पड़ने से बड़ा हादसा होते-होते बचा। लेजर लाइट पड़ने से पायलट भ्रमित हो गया और विमान आसमान में ही कुछ देर चक्कर काटता रहा। विमान में 159 यात्री सवार थे।कोलकाता आने वाली विमान में कितनी देरी?
कुआलालंपुर से कोलकाता आ रही उड़ान को शनिवार रात 11:20 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरना था। विमान पांच मिनट देरी से 11:25 बजे विमान एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा। इसके बाद एयरलाइंस ने जानकारी दी। एयरपोर्ट निदेशक विक्रम सिंह ने कहा कि एयरपोर्ट थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस जांच में जुटी है।
क्या है नियम?
एयरपोर्ट के आसपास लेजर लाइट का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। अमेरिकी संघीय विमानन प्रशासन ने लेजर के इस्तेमाल पर एक बार उल्लंघन पर 11,000 डॉलर, इसके बाद इस अपराध पर 30,800 डॉलर जुर्माने का प्रावधान किया है। भारतीय वायुयान अधिनियम में लेजर के लिए अलग दंड धारा नहीं है।





