बुजुर्ग दंपती ने ट्रेन से कटकर दी जान, पटरी पर रखा सिर, धड़ हुआ अलग

Spread the love

जिंदगीभर सुख-दुख, संघर्ष और जिम्मेदारियों में साथ निभाने वाले बुजुर्ग दंपती ने आखिरकार मौत का सफर भी एक साथ चुन लिया। उम्र के आखिरी पड़ाव पर लंबी बीमारी से हुए मानसिक तनाव ने उन्हें इस कदर तोड़ दिया कि जीने की उम्मीद ही हार बैठे। शनिवार देर रात दोनों ने सहारनपुर-अंबाला रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। रविवार को उनकी पहचान सरसावा के गांव बिन्नाखेड़ी निवासी अतर सिंह (72) और उनकी पत्नी अनीता (68) के रूप में हुई। यह घटना बुजुर्गों के अकेलेपन, बीमारी और मानसिक पीड़ा की बेहद मार्मिक तस्वीर है।

थाना सरसावा क्षेत्र के गांव बिन्नाखेड़ी निवासी अतर सिंह और उनकी पत्नी अनीता शनिवार को कस्बे के ही एक निजी क्लीनिक पर दवा लेने गए थे। अनीता मधुमेह (शुगर) की मरीज थीं, जबकि उनके पति अतर सिंह पैरालाइसिस से पीड़ित थे। दोनों लंबे समय से उपचार करा रहे थे। नियमित रूप से दवा लेने सरसावा के क्लीनिक पर जाते थे। शनिवार को भी क्लीनिक पर जाने के लिए उन्होंने घर से बाइक उठाई, लेकिन गांव के बाहर परिवार के ही सदस्य के घर पर बाइक खड़ी कर दी। इसके बाद ग्रामीण रामपाल सैनी उन्हें अपनी बाइक से सरसावा तक छोड़ने आए।
रामपाल ने बताया कि रास्ते भर अतर सिंह से बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान किसी तरह की परेशानी या पारिवारिक विवाद का संकेत भी नहीं मिला। रविवार की सुबह अतर सिंह के बेटों को बुजुर्ग दंपती की मौत की सूचना मिली। क्योंकि शनिवार की रात उनके माता-पिता घर नहीं लौटे थे तो उनको शक हुआ कि कहीं उनके माता-पिता ही तो नहीं। इसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल पहुंचकर शवों की पहचान की। पुलिस जांच में सामने आया कि बुजुर्ग दंपती बीमारी के कारण मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। प्रारंभिक जांच में आया है कि दोनों ने रेलवे ट्रैक पर सिर रखकर आत्महत्या की है।
यह थी घटना
शनिवार देर रात थाना कुतुबशेर पुलिस को सूचना मिली कि बड़ी नहर के ऊपर से गुजर रहे सहारनपुर-अंबाला रेलवे ट्रैक पर एक महिला और पुरुष के शव पड़े हैं। पुलिस और जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की, लेकिन रात में दोनों की पहचान नहीं हो सकी। महिला के शरीर से धड़ अलग था, जबकि बुजुर्ग का चेहरा क्षत-विक्षत था, जिनका शव साइड में पड़ा था।

परिवार में दो बेटे और दो बेटी, सभी की हो चुकी है शादी
अतर सिंह के परिवार में दो बेटे और दो बेटी हैं। बड़ा बेटा शिवकुमार यमुनानगर में मजदूरी करता है, जबकि छोटा बेटा विनोद है। बेटी की शादी मानकमऊ में हुई है। दूसरी बेटी की शादी रामपुर मनिहारान में हुई है। छोटा बेटा विनोद विद्युत निगम में कार्यरत है।

भूमिया खेड़ा पर भंडारे में हुए थे शामिल, दिया था दान
ग्रामीणों के मुताबिक, अतर सिंह और उनकी पत्नी अनीता शनिवार को गांव में भूमिया खेड़ा पर भंडारे में शामिल हुए थे। इससे पहले अतर सिंह ने अपनी पत्नी से कहा था कि बाल कटवाकर आ रहा हूं। इसके बाद दोनों भंडारे में चलेंगे। वहां पर दोनों ने दान भी दिया था।

घरेलू विवाद के बिंदु पर भी जांच कर रही पुलिस
पुलिस मामले में घरेलू विवाद के बिंदु पर भी काम कर रही है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले किसी बात को लेकर घर में विवाद हुआ था, लेकिन इस संबंध में कोई बोल नहीं रहा है। पुलिस ने अपनी जांच में इस बिंदु को भी शामिल किया है, ताकि विवाद होने का पता चल सके।

साथ जीए, साथ ही दुनिया छोड़ गए
अतर सिंह और उनकी पत्नी अनीता की मौत से गांव का हर कोई व्यक्ति स्तब्ध है। घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। अतर सिंह और अनीता का पूरा परिवार है। इसके बावजूद दोनों का इतना बड़ा कदम उठाना लोगों के लिए हैरानी का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों पति-पत्नी के बीच गहरा स्नेह था और वह अधिकांश समय साथ ही रहते थे। अतर सिंह ही हमेशा अपनी बीमार पत्नी को दवाई दिलवाने जाते थे। यह समझ से परे है कि दोनों ने एक साथ अपनी जीवनलीला समाप्त करने का कठोर निर्णय लिया।

Spread the love
और पढ़े  New Rule: जिनकी सैलरी है 25 हजार रुपये, उन्हें भी मिलेगी पेंशन, सरकार बदलने जा रही 10 साल पुराना नियम
  • Related Posts

    दर्दनाक हादसा: ट्रक से कुचलकर तीन कांवड़ियों की मौत, दो लोग घायल

    Spread the love

    Spread the loveइटावा-बरेली हाईवे पर कांवड़ लेकर जा रहे युवक की राजेपुर क्षेत्र के गांव डबरी के पास ट्रैक्टर की टक्कर से मौत हो गई, जबकि मोहम्मदाबाद क्षेत्र में हवाई…


    Spread the love

    भीषण जाम- कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भीषण जाम

    Spread the love

    Spread the loveगाजियाबाद में कांवड़ियों का आगमन बढ़ते ही सड़कों पर लंबा जाम लगने लगा है। सावन के दूसरे सोमवार की सुबह से ही गाजियाबाद की प्रमुख सड़कों पर वाहन…


    Spread the love