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दिल्ली में मंगलवार को हुई भारी बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। राजधानी और आस-पास के इलाकों में भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई, खासकर दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर। वहीं, यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने के चलते बाढ़ का खतरा भी मंडरा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर की स्थिति की समीक्षा की। मंगलवार को यमुना नदी के खतरे के निशान को पार करने के साथ ही, दिल्ली के यमुना पार क्षेत्र के कुछ हिस्सों में पानी घरों में घुसने लगा है। यमुना आज खतरे के निशान को पार कर गई, जिससे राजधानी के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया। सीएम रेखा ने लोहे के पुल पर जाकर स्थिति का जायजा लिया।
उड़ानों पर पड़ा असर, एयरलाइंस ने जारी की एडवाइजरी
बारिश के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों के संचालन में भी व्यवधान देखने को मिल रहा है। पानी भरने और कम विजिबिलिटी के चलते एयरलाइंस ने यात्रियों को यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी है।
यमुना पुल से आवाजाही पर रोक
बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है। यमुना नदी पर बने पुल से होकर यातायात और आमजन की आवाजाही मंगलवार शाम 5 बजे से पूरी तरह बंद कर दी गई है। यह कदम केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी बाढ़ चेतावनी के बाद उठाया गया।
जलस्तर खतरनाक स्तर के करीब
आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम 5 बजे तक ओल्ड रेलवे ब्रिज पर पानी का स्तर 204.94 मीटर दर्ज किया गया। हथिनीकुंड बैराज से 2,92,365 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि वजीराबाद बैराज से 41,830 क्यूसेक और ओखला बैराज से 56,455 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। सुबह 9 बजे हथिनीकुंड बैराज से 3,29,313 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।