देहरादून- परिजनों में उबाल, बोले-आरोपियों को करें गिरफ्तार, बवाल के बाद बैरागीवाला में आज ऐसे हालात

Spread the love

विवार रात तक पुलिस अधिकारियों के प्रयास करने के बाद भी मृतक भाजपा नेता विनोद कुमार का पंचनामा नहीं भर पाया था। आज परिजन तीन मांगों पर पंचनामा भरने पर माने। परिजनों ने मुआवजा, मृतका की पत्नी को नौकरी, पथराव और मकान में आग लगने वाले 135 लोगों पर से मुकदमा वापस लेने की मांग की।

शासन प्रशासन के आश्वासन के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हुई। शाम को 5:00 बजे बैरागीवाला स्थित पैतृक घाट पर मृतक के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं बवाल के बाद आज मस्जिद में दूसरे दिन भी अज़ान नहीं हुई। 

 

परिजनों ने आरोपियों का मकान तोड़ने और उन्हें गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी। आरोपियों के मकान को रविवार रात को ही तोड़ दिया गया था। पुलिस आज अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तार कर सकती है।

भाजपा नेता की हत्या के बाद बैरागीवाला में धधक उठी आक्रोश की ज्वाला
जिले की सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी विनोद कुमार की हत्या के बाद शनिवार रात भड़की आक्रोश की आग रविवार की सुबह और धधक उठी। आक्रोशित ग्रामीणों के साथ भाजपा कार्यकर्ता और हिंदू संगठनों की 500 से अधिक भीड़ आरोपी के घर पहुंच गई। इसके बाद आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं शुरू हो गईं। बढ़ते तनाव के बीच प्रशासन ने पैमाइश कर दो आरोपियों के मकानों की चहारदीवारी और दो दुकानें बुलडोजर से ढहा दीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए माैके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

और पढ़े  चमोली: पहाड़ों पर मौसम ने बदली करवट, बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में हुई बर्फबारी, कड़ाके की ठंड

 

भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या की खबर फैलते ही बैरागीवाला गांव में शनिवार की रात ही घटना ने सांप्रदायिक रंग ले लिया। गांव में हिंदू समाज के लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। आसपास के क्षेत्रों से बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। रात में कुछ लोगों ने धर्मस्थल और आरोपियों के घरों में तोड़फोड़ का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने दून-पांवटा राजमार्ग जाम कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई।

रविवार सुबह करीब 10.00 बजे तक कार्रवाई नहीं होने पर 500 से अधिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग आरोपी पक्ष के घर पहुंच गए। भीड़ ने पहले भूसे से भरे दो कमरों में आग लगा दी। इसके बाद दूसरे मकान के एक कमरे में तोड़फोड़ कर सामान को आग के हवाले कर दिया। लकड़ियां रखने के लिए बनाए गए कमरे और एक बाइक में भी आग लगा दी गई। उग्र भीड़ ने एक ट्रैक्टर को पलटकर नीचे गिरा दिया। पूरे क्षेत्र में नारेबाजी और प्रदर्शन किया गया।

आक्रोशित लोगों की भारी भीड़ व बढ़ते दबाव के बीच प्रशासन ने करीब 11.30 बजे मौके पर पैमाइश कर दो मकानों की चहारदीवारी बुलडोजर से ढहा दी हालांकि प्रदर्शनकारी इससे संतुष्ट नहीं हुए और आरोपियों के पूरे मकान को ध्वस्त करने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान कुछ लोग निजी जेसीबी लेकर मकान गिराने पहुंच गए लेकिन पुलिस ने हस्तक्षेप कर मशीन को वापस भेज दिया। स्थिति तनावपूर्ण बनी रही और प्रशासन को लगातार लोगों को समझाने के लिए मशक्कत करना पड़ा।

और पढ़े  देहरादून: ऋषिकेश रेल हादसे में 8 के खिलाफ चार्जशीट, लोको पायलट हटाया, सात और कर्मचारियों पर गिरेगी गाज

भीड़ का आक्रोश कम न होने पर गांव को राजमार्ग से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर बनी आरोपी पक्ष की दो दुकानों को भी प्रशासन ने जेसीबी से तोड़ दिया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी राजमार्ग पर धरना देते रहे और आरोपियों के मकान गिराने के साथ उनके एनकाउंटर की मांग करते रहे। देहरादून समेत अन्य जिलों से पहुंचे बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजमार्ग पर ही रोक दिया। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

योगी मॉडल की कार्रवाई की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

हत्या के बाद प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग तेज कर दी। शनिवार रात से ही कार्यकर्ता और ग्रामीण आरोपियों के मकान ध्वस्त करने की मांग कर रहे थे। लोगों ने प्रशासन को रविवार सुबह 10.00 बजे तक का समय देते हुए कार्रवाई नहीं होने पर स्वयं मकान गिराने की चेतावनी दी थी। रविवार को भी प्रदर्शन के दौरान लगातार योगी मॉडल लागू करने के नारे लगाए गए और आरोपी पक्ष के मकानों को पूरी तरह ध्वस्त करने की मांग दोहराई जाती रही।

दूसरे जिलों से पहुंचे कार्यकर्ताओं को राजमार्ग पर रोका

बैरागीवाला में बढ़ते तनाव के बीच देहरादून सहित अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता क्षेत्र में पहुंचने लगे। पुलिस को आशंका थी कि भीड़ बढ़ने से हालात और बिगड़ सकते हैं। इसके चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और बाहरी जिलों से आने वाले कार्यकर्ताओं को गांव में प्रवेश देने के बजाय दून-पांवटा राजमार्ग पर ही रोक दिया गया। अधिकारियों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात रखा।

और पढ़े  देहरादून- Plane Crash: उत्तराखंड के जवान प्रशांत हुए बलिदान, घर के थे इकलौते बेटे, डेढ़ साल पहले हुई थी शादी

Spread the love
  • Related Posts

    देहरादून- चुनावी पिच पर छोटी टीम को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी, प्रदेश प्रभारी कर सकती हैं पीसीसी की घोषणा

    Spread the love

    Spread the loveकांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए छोटी टीम को बड़ी जिम्मेदारी देगी। प्रदेश कांग्रेस की ओर से नई कार्यकारिणी के लिए भेजी गई नामों की सूची के…


    Spread the love

    देहरादून- जंगल की आग की हो चुकीं 575 घटनाएं, वन महकमा 30 तक देखेगा हालात, फिर फायर सीजन पर लेगा फैसला

    Spread the love

    Spread the loveवन महकमे का फायर सीजन पुरानी व्यवस्था के तहत 15 जून को पूरा हो जाता है पर वनाग्नि के दृष्टिगत 30 जून के बाद हालात को देखते हुए…


    Spread the love