देहरादून- देहरादून बार एसोसिएशन चुनाव-: नाम वापसी के बाद जारी हुई अंतिम सूची, 12 पदों के लिए मैदान में 47 अधिवक्ता

बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए नाम वापसी के बाद शुक्रवार को अंतिम सूची जारी हो गई। 12 पदों पर कुल 47 अधिवक्ता मैदान में हैं। जांच के बाद थ्री प्लस पर तीन अधिवक्ताओं के नामांकन रद्द किए गए हैं। अध्यक्ष पद पर अनिल कुकरेती (चीनी), हरीश चंद्र डोभाल, मनमोहन कंडवाल और राजीव शर्मा मैदान में हैं। सचिव पद पर अजय बिष्ट, प्रभात बर्थवाल, प्रकाश टी पाल, रविंद्र कुमार चौहान चुनाव लड़ रहे हैं।

संयुक्त सचिव पद पर अनिल सिंह बिष्ट, अनुपमा ठाकुर, कपिल अरोड़ा, पंकज भंडारी, राकेश थपलियाल और सुदीप कुमार कंडवाल लड़ रहे हैं। कोषाध्यक्ष पद पर ललित भंडारी, राजीव कुमार रोहिला मैदान में हैं। उपाध्यक्ष पद पर अमित डंगवाल, राहुल अमोली, राकेश पाल, विनोद कुमार सागर व विरेंद्र सिंह खुराना लड़ रहे हैं। उपाध्यक्ष (महिला) पद पर अल्पना जदली और लता राणा अपनी किस्मत आजमा रही हैं। लाइब्रेरियन पद पर अनुज शर्मा, आरएस भारती और सुभाष परमार मैदान में हैं।

 

 

सदस्य पदों के लिए इनके नाम तय
10 प्लस : दीपक कुमार त्यागी, सुयष कुकरेती
07 प्लस : अजय कुमार, अनिल कुमार, आरती, अरुण कुमार, हजरा बानो, नरवेश चौधरी
05 प्लस : अविष्कार सिंह रावत, रमन शर्मा, सार्थक गुप्ता, शांति प्रसाद
03 प्लस : आशुतोष सिंह गुसाईं, अतिश पाल, जॉयदीप सिंह उप्पल, मयंक वर्मा, प्रदीप उनियाल, राजपाल सिंह नेगी, सुनील ध्यानी
03 प्लस (महिला): जुगनू रानी, रेहाना परवीन

चैंबर निर्माण चुनाव का सबसे प्रमुख मुद्दा
नाम वापसी के बाद अंतिम सूची जारी होते ही बार एसोसिएशन चुनाव के लिए प्रत्याशियों ने प्रचार भी तेज कर दिया है। इसमें वकीलों के लिए चैंबर निर्माण का मुद्दा प्रमुख रूप से छाया हुआ है। इसके लिए अधिवक्ताओं ने करीब एक महीने तक विरोध-प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद सरकार ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया था लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ रहे अनिल कुकरेती ने कहा कि दो साल से इस दिशा में प्रयास चल रहे हैं लेकिन अब तक कोई परिणाम नहीं निकला। इसके अलावा कुछ अधिवक्ता बार और बेंच के बीच समन्वय के मुद्दे को भी उठा रहे हैं। उनका कहना है कि ये सामंजस्य बेहतर होना चाहिए। साथ ही हेल्थ बीमा योजना का मुद्दा भी कई प्रत्याशियों की प्राथमिकता में शामिल है। अधिवक्ता विनोद सागर ने कहा कि युवा अधिवक्ताओं के लिए भी चैंबर की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि नए चैंबर का निर्माण जल्द से जल्द हो।

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