आना मना है: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर नहीं होगी कांवड़ यात्रा, जरूरी इंतजाम करने के लिए राज्यों में सहमति

Spread the love

कुछ ही दिनों में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने शुक्रवार को घोषणा की कि कांवड़ यात्रियों के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बंद रहेगा। उन्होंने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से कहा कि वे इस उपाय को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पहले से ही जरूरी इंतजाम कर लें।

वार्षिक यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक की अध्यक्षता करते हुए बर्धन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ियों की आवाजाही के लिए दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
बैठक में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), सशस्त्र सीमा बल (SSB), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अन्य केंद्रीय व राज्य एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से 11 अगस्त तक होगी। कांवड़ यात्रा को देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक बताते हुए बर्धन ने कहा कि लाखों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगा जल लाते हैं और उसे अलग-अलग राज्यों में अपनी मंजिल तक ले जाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि यात्रा की सफलता सभी भाग लेने वाले राज्यों और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर निर्भर करती है।

उन्होंने सभी राज्यों से आग्रह किया कि वे तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दें, समय पर तैयारियां पूरी करें और यात्रा के दौरान सतर्क रहें। बर्धन ने यह भी चेतावनी दी कि हालांकि हरिद्वार यात्रा का मुख्य केंद्र है, लेकिन रास्ते में कहीं भी कोई अप्रिय घटना होने पर दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।

और पढ़े  हरिद्वार - ई-रिक्शा और बाइक की टक्कर, दो गंभीर रूप से घायल, बहादराबाद हाइवे पर साईं मंदिर के सामने हुआ हादसा

उन्होंने सभी राज्यों को निर्देश दिया कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में मजबूत सुरक्षा, ट्रैफिक और आपदा प्रबंधन के इंतजाम सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव ने आगे निर्देश दिया कि सभी कांवड़ यात्रियों के पास वैध पहचान पत्र होने चाहिए और यात्रा के दौरान घातक हथियार या कोई भी प्रतिबंधित सामान ले जाने पर लगी रोक को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।

बैठक के दौरान, भाग लेने वाले राज्य एक साझा कार्य योजना के तहत काम करने और कांवड़ मेले के सुचारू प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए तेजी से जानकारी साझा करने और संयुक्त निगरानी की व्यवस्था स्थापित करने पर सहमत हुए।

Spread the love
  • Related Posts

    देवप्रयाग- दर्दनाक हादसा: कुंडाधार के समीप खाई में गिरी कार, रेसक्यू टीम ने 5 शव निकाले, घायल बच्चे को पहुंचाया अस्पताल

    Spread the love

    Spread the loveदेवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर कुंडाधार के समीप एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। अब तक मिली जानकारी के अनुसार हादसे में पांच लोगों की मौत हो…


    Spread the love

    हल्द्वानी- अधिवक्ता को डंडा मारने से नाराज साथियों का कोतवाली में प्रदर्शन

    Spread the love

    Spread the loveहल्द्वानी शहर के नैनीताल रोड स्थित अंबिका विहार में मकान का रिनोवेशन कार्य करा रहे अधिवक्ता पर डंडे से हमला कर दिया गया। इससे गुस्साए अधिवक्ता हल्द्वानी कोतवाली…


    Spread the love