चमोली- भालू स्कूल परिसर से छात्र को उठा ले गया, दिखाई हिम्मत और मौत के मुंह से आरव को खींच लाई दिव्या

Spread the love

भालू के हमले से आरव को बचाने वाली आठवीं कक्षा की छात्रा दिव्या ने पहले सभी को अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया, लेकिन घटना के बाद आपबीती बयां कर फफक पड़ी। छात्रा समेत अन्य विद्यार्थियों के चेहरे पर भी घटना के बाद भालू की दहशत साफ नजर आई। वहीं शिक्षकों ने भी छात्रा की बहादुरी को खूब सराहा।

दरअसल पोखरी के जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर में सोमवार की सुबह सभी छात्र-छात्राएं टहल रहे थे। अभी स्कूल शुरू भी नहीं हुआ था, तभी परिसर में धमके दो भालुओं ने सभी के होश उड़ा दिए। इसके बाद सभी छात्रों में अफरा-तफरी मच गई।

इस बीच भालू ने छठी के छात्र आरव को पकड़ लिया और घसीटकर झाड़ियों में ले गया। घटना से आवाक अन्य छात्र बेबस और लाचार दिखे, लेकिन दिव्या ने सूझ बूझ और बहादुरी के साथ पहले सभी बच्चों को स्कूल के एक कक्ष में अंदर कर सुरक्षित किया। फिर खुद आरव को बचाने के लिए झाड़ियों में दाैड़ पड़ी।

छात्रा के हाैसले के बाद शिक्षक और अन्य कर्मचारी भी पीछे से हो लिए। पीड़ित छात्र की चीख पुकार और शोर के बीच भालू जंगल की ओर भाग गए। घटना के बाद शिक्षक और विद्यार्थियों के चेहरे पर भालू की दहशत साफ नजर आई। इस दाैरान बहादुर छात्रा भी घटना बयां कर फफक पड़ी।

Chamoli News: bear dragged student from school premises but  Divya showed courage and pulled Aarav back

उसने बताया कि भालू जब आरव को घसीट कर ले जा रहा था तो वो खुद को रोक नहीं सकी। सभी बच्चों को एक कक्ष में जाने के लिए कहा और शोर मचाते हुए भालू के पीछे दौड़ पड़ी। इस दाैरान बड़ा भालू विद्यालय के उस दरवाजे पर पहुंचा, जहां बच्चे थे और अपने नाखूनों से दरवाजे को नोचने लगा।

और पढ़े  स्वतंत्रता दिवस पर रुद्रपुर में हादसा: ड्यूटी जा रहे बाइक सवार सिपाही की बैल से टक्कर, सीने में घुसा सींग, मौत

 

दरवाजे पर अंदर से कुंडी नहीं थी, लेकिन बच्चों ने धक्का देकर उसे खुलने नहीं दिया। तभी चिल्लाने की आवाज सुनकर शिक्षक भी वहां पहुंच गए। इसके बाद शोर शराबे के बीच दोनों भालू वहां से भाग गए। दूसरी ओर भालू के हमले में डरा, सहमा जख्मी आरव इतना ही बता पाया कि भालू को अचानक अपने सामने देखा तो मेरी आंखें बंद हो गईं। भालू ने मेरी पीठ पर पंजे मारे और घसीटकर ले गया।

 

शाम को फिर विद्यालय में पहुंचे दोनों भालू
प्रधानाचार्य उपेंद्र सती ने बताया कि विद्यालय बंद होने के बाद ग्रामीणों ने सूचना दी कि दोनों भालू फिर से विद्यालय प्रांगण में पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि संभवत: भालू विद्यालय में रखे मध्याह्न भोजन की सामग्री की गंध सूंधकर वहां पहुंच रहे हैं। मध्याह्न भोजन की सामग्री को अब अन्यत्र शिफ्ट किया जाएगा।

 

बीते शनिवार को इसी विद्यालय के एक छात्र पर स्कूल जाते वक्त भालू के बच्चे ने हमला कर दिया था। जिसके बाद विद्यालय को खोलने का समय साढ़े आठ से बढ़ाकर सुबह दस बजे करने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में एसडीएम व वन विभाग के अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया था। सोमवार को छात्र-छात्राएं सुबह साढ़े नौ बजे तक विद्यालय पहुंच गए थे। अचानक दिव्या के चिल्लाने की आवाज सुनकर सभी शिक्षक मौके पर पहुंचे। सभी चिल्लाए तो भालू भाग गए।
– उपेंद्र सती, प्रधानाचार्य, जूहा स्कूल हरिशंकर, पोखरी


Spread the love
  • Related Posts

    जर्जर जमरानी नहरों के कायाकल्प के लिए 300 करोड़ मंजूर, किसानों को होगा फायदा

    Spread the love

    Spread the loveदशकों से जर्जर पड़ी जमरानी बांध परियोजना की नहरों पर अब विकास की बौछार होने वाली है। राज्य सरकार ने इन नहरों के कायाकल्प के लिए 300 करोड़…


    Spread the love

    जहां सबसे अधिक वोट काटने के आवेदन, वहां मंडलायुक्त करेंगे जांच, बैठक में SIR पर समीक्षा

    Spread the love

    Spread the loveमुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सोमवार को सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी…


    Spread the love