सहसपुर में भाजपा नेता विनोद की हत्या के बाद भड़की हिंसा और तनावपूर्ण हालात को देखते हुए पूरे जनपद में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया। खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर हर गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय स्तर से घटनाक्रम की पल-पल की रिपोर्ट ली जाती रही।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिलेभर से पुलिस बल सहसपुर पहुंचाया गया। घटनास्थल पर एसपी सिटी प्रमोद कुमार, एसपी देहात ऋषिकेश जया बलूनी और एसपी देहात विकासनगर पंकज गैरोला समेत कई वरिष्ठ अधिकारी लगातार मोर्चा संभाले रहे। अलग-अलग थानों और पुलिस लाइनों से अतिरिक्त फोर्स बुलाकर संवेदनशील क्षेत्र में तैनात की गई।
तनावपूर्ण माहौल के बीच वरिष्ठ अधिकारियों ने लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं, देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोबाल खुद सहसपुर थाने में डटे रहे और घटनाक्रम की सीधे निगरानी करते रहे। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए रणनीति तैयार की। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर निगरानी बढ़ा दी गई।
शाम तक आईटीबीपी से भी जवान मौके पर बुलाए गए और गांव में फ्लैग मार्च किया। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि मामले में कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। घटनास्थल पर स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस बल तैनात है। उन्होंने सभी से शांति व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की।
सादी वर्दी में तैनात रहे खुफिया अधिकारी
सांप्रदायिक तनाव भड़कने की सूचना पर रविवार सुबह से ही खुफिया विभाग पूरी तरह अलर्ट पर आ गया था। घटनास्थल के पास और गांव में जहां हत्यारोपियों के घर के पास भीड़ जमा थी वहां सादी वर्दी में अधिकारियों को तैनात किया गया था। वह अधिकारियों को पल-पल की सूचना दे रहे थे।








