दवाओं पर बैन- सरकार ने अचानक बैन कीं ये 16 दवाएं,दवा खरीदने से पहले जरूर पढ़ लें यह खबर

गर आप भी बिना ज्यादा सोचे-समझे कॉम्बिनेशन दवाएं लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। कई बार एक ही गोली में दो या तीन दवाओं का मिश्रण होने से मरीज को सुविधा तो मिलती है, लेकिन हर कॉम्बिनेशन सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से सही हो, यह जरूरी नहीं। इसी वजह से केंद्र सरकार ने देशभर में 16 फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) दवाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

सरकार का कहना है कि इन दवाओं का फायदा स्पष्ट रूप से साबित नहीं हुआ, जबकि इनके इस्तेमाल से संभावित जोखिम जरूर हो सकते हैं। प्रतिबंधित सूची में कुछ दर्द निवारक, एंटीबायोटिक, मांसपेशियों की ऐंठन कम करने वाली और स्किनकेयर से जुड़ी दवाएं भी शामिल हैं। यह फैसला सिर्फ दवा कंपनियों के लिए नहीं, बल्कि करोड़ों मरीजों के लिए भी अहम है, क्योंकि अक्सर लोग डॉक्टर की सलाह के बिना ऐसी दवाओं का इस्तेमाल कर लेते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि गलत या गैर-जरूरी दवाओं का संयोजन न केवल इलाज को प्रभावित कर सकता है, बल्कि दुष्प्रभाव और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी गंभीर समस्याओं का कारण भी बन सकता है। आइए जान लेते हैं कि किन-किन दवाओं पर गाज गिरी है?

 

शनिवार (20 जून) को केंद्र सरकार ने 16 फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

  • सरकार का कहना है कि इन दवाओं के इस्तेमाल का कोई ठोस चिकित्सीय औचित्य नहीं मिला है। इनसे होने वाले संभावित जोखिमों की तुलना में कोई ज्यादा फायदे नहीं देखे गए हैं।
  • स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह फैसला लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, दवाओं के सही और वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।
  • इस फैसले से यह भी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि बाजार में केवल प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित दवाएं ही उपलब्ध रहें।
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फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन दवाओं के बारे में जान लीजिए

यहां जान लेना जरूरी है कि फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन दवाएं, वे दवाएं होती हैं जिनमें दो या उससे अधिक एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (एपीआई) एक तय अनुपात में मिलाए जाते हैं।
इनमें एक ही गोली, कैप्सूल या सिरप में दो या दो से अधिक सक्रिय दवाओं का एक निश्चित अनुपात मिला होता है।

  • इन दवाओं का फायदा ये है कि कई अलग-अलग गोलियां खाने के बजाय आपको एक ही खुराक लेनी होती है।
  • दवाइयों की संख्या कम होने से मरीज समय पर दवा खाते हैं।

हालांकि इन फायदों से ज्यादा इसके नुकसान भी हो सकते हैं। अगर किसी मरीज में एक दवा की खुराक बढ़ानी या घटानी हो, तो ऐसा नहीं किया जा सकता। इसके अलावा सरकार का कहना है कि एक ही गोली में अधिक दवाएं होने पर किसी एक से एलर्जी या साइड इफेक्ट होने का जोखिम भी बना रहता है।

 

 

जान लीजिए दवाओं की लिस्ट

स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह प्रतिबंध ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A के तहत जारी अधिसूचनाओं के माध्यम से लगाया है। आइए जान लेते हैं कि किन दवाओं को बैन किया गया है?

दर्द निवारक और मांसपेशियों में ऐंठन कम करने वाली दवाएं

  • Acetyl Salicylic Acid + Ethoheptazine
  • Dicyclomine + Paracetamol + Clidinium Bromide
  • Dicyclomine + Paracetamol + Clidinium Bromide + Chlordiazepoxide
  • Paracetamol + Lignocaine

डायबिटीज की दवाएं

  • Gliclazide + Chromium Picolinate

एंटीबायोटिक कॉम्बिनेशन

  • Amoxicillin + Serratiopeptidase
  • Amoxicillin + Serratiopeptidase + Lactobacillus Sporogenes
  • Amoxicillin + Cloxacillin + Lactic Acid Bacillus + Serratiopeptidase
  • Cefadroxyl + Probenecid
  • Cefuroxime + Serratiopeptidase

प्रतिबंधित सूची में कुछ त्वचा और स्किनकेयर उत्पाद भी शामिल हैं, जिनमें Aloe Vera या Aloe Extract के साथ विटामिन-ई, टी ट्री ऑयल, जोजोबा ऑयल, ऑरेंज ऑयल, व्हीट ग्राम ऑयल, और D-Panthenol जैसे तत्वों के साथ मिलाकर तैयार किया जाता था।

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मरीजों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम

मंत्रालय ने कहा कि यह कदम दवाओं के सही उपयोग को बढ़ावा देने और मरीजों की सुरक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। पिछले वर्षों में भी वैज्ञानिक समीक्षा के आधार पर कई अव्यावहारिक और गैर-जरूरी एफडीसी दवाओं पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।

सरकार ने सभी राज्यों के ड्रग कंट्रोलर, नियामक संस्थाओं और प्रवर्तन एजेंसियों को इन आदेशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दवा निर्माता कंपनियों, आयातकों-वितरकों और अन्य संबंधित पक्षों को भी कानून का पालन सुनिश्चित करने और जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

 

 

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

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