ऊखीमठ- ओंकारेश्वर मंदिर से धाम के लिए रवाना हुई बाबा केदार की उत्सव डोली

Spread the love

केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की प्रक्रिया भी आज शुरू हो गई है। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल उत्सव विग्रह डोली सुबह शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर से भव्य रूप में धाम के लिए रवाना हो गई। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और परंपरागत रीति-रिवाजों के बीच मंदिर की परिक्रमा कर डोली आगे बढ़ी।

इस दौरान पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। डोली प्रस्थान के दौरान सुबह से ही ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने पुष्प वर्षा कर बाबा केदार का आशीर्वाद लिया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु डोली के साथ पैदल यात्रा पर भी निकले।

 

आठ कुंतल फूलों से सजाया ओंकारेश्वर मंदिर

मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया था। ओंकारेश्वर मंदिर को आठ कुंतल फूलों से सजाया गया। शनिवार रात्रि को भैरवनाथ की पूजा हुई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर गुप्तकाशी पहुंचेगी, जहां विश्वनाथ मंदिर में कुछ समय विश्राम कर श्रद्धालुओं को दर्शन देगी। इसके बाद डोली फाटा के लिए रवाना होगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। डोली यात्रा के अगले चरण में 20 अप्रैल को सुबह फाटा से प्रस्थान कर गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर पहुंचेगी और वहीं रात्रि विश्राम करेगी।

21 अप्रैल को सुबह गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान कर डोली मंदिर भंडार पहुंचेगी। इसके बाद 22 अप्रैल को सुबह आठ बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे, जिसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ होगा। प्रशासन, पुलिस और मंदिर समिति द्वारा यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

और पढ़े  हल्द्वानी- Road Accident: स्कूल से लौट रही 5 साल की मासूम बच्ची को रोडवेज बस ने रौंदा,20 मीटर घसीट ले गई रोडवेज बस, मौके पर ही मौत से गुस्साए लोगों ने किया पथराव

Spread the love
  • Related Posts

    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर 5 नई वॉल्वो बस सेवाएं शुरू, 236 रुपये तक घटा किराया, ये रहेगा शेड्यूल

    Spread the love

    Spread the loveउत्तराखंड परिवहन निगम ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे लोकार्पण के बाद इस पर अपनी बसों की संख्या बढ़ा दी है। पांच नई वॉल्वो बस सेवा शुरू होने के बाद अब…


    Spread the love

    उत्तराखंड- पहली बार बद्री तुलसी की होगी व्यावसायिक खेती, भगवान बदरी विशाल की पूजा में होती है इस्तेमाल

    Spread the love

    Spread the love     बदरीनाथ धाम के आसपास के क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से उगने वाली बद्री तुलसी की पहली बार व्यावसायिक खेती की जाएगी। इसके लिए सगंध पौध…


    Spread the love