अयोध्या- दीपोत्सव 2024: वर्षों बाद भव्य सजी है रामनगरी,मठ-मंदिर, घाट-महल सब होंगे जगमग |

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अयोध्या में इस दीपावली पर दोहरी खुशी का माहौल है। श्रीरामलला के भव्य मंदिर में विराजने के बाद यह पहली दीपावली है। इसको लेकर रामनगरी गदगद है। अयोध्यावासी भाव विह्वल भी हैं। हों भी क्यों न, 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद रामलला भव्य महल में विराजे हैं।

इसकी खुशी में पूरी अयोध्या राममय हो उठी है। दीपोत्सव को लेकर सर्वसमाज में उत्साह है। मुस्लिम, जैन, सिख समाज दीपोत्सव में भागीदारी निभाने की तैयारी कर रहा है तो रामनगरी के 37 जातीय मंदिर भी इस बार दीपोत्सव में रोशन होंगे।

लंका विजय के बाद श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में दीपावली का आयोजन होता है। राम का यह वनवास तो मात्र 14 वर्ष का था लेकिन रामलला को भव्य महल में विराजने के लिए पांच सदी का वनवास झेलना पड़ा। इसलिए अब, जब वह स्वप्न साकार हो चुका है जो कभी अकल्पनीय हो गया था, तो पूरी अयोध्या गदगद है।

अयोध्यावासी भी इस दीपोत्सव को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। दीपोत्सव जाति, धर्म की दीवारें भी तोड़ता नजर आएगा। दीपोत्सव के दिन पूरी अयोध्या अनुष्ठान मय होगी तो मठ-मंदिर, चौक-चौराहे, घाटों से लेकर घर-घर दीप जलेंगे।

ये खुशी के दीप होंगे, रामनगरी की तरक्की के दीयों से अयोध्या रोशन होगी। साधु-संतों समेत हिंदू समाज तो उत्साहित है ही, मुस्लिम, सिख, जैन समाज भी दीपोत्सव में दीप जलाने की तैयारी में जुटे हैं।

निश्चित रूप से यह दीपोत्सव खास है। रामलला भव्य महल में विराजे हैं। यह उनकी पहली दिवाली है, उनका भव्य अभिनंदन करेंगे। खुशी में दरिद्रनारायण की सेवा करेंगे, यही राम की मर्यादा भी है। दीपोत्सव में गुरुद्वारा को आलोकित किया जाएगा, अखंड पाठ कर देश में सुख-शांति की कामना करेंगे।

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सरदार महेंद्र सिंह, मुख्य ग्रंथी, गुरुद्वारा नजरबाग

जैन मंदिर रायगंज के पीठाधीश स्वामी रवींद्र कीर्ति ने कहा कि अयोध्या जैन धर्म की भी शाश्वत तीर्थ भूमि है। प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव की जन्मभूमि भी है। राम सार्वकालिक हैं। दीपोत्सव ने अयोध्या को नई पहचान दी है। राममंदिर निर्माण से धर्म को बल मिला है। इस पुण्य अवसर पर पूरे जैनमंदिर को आलोकित करेंगे। 11 हजार दीप रोशन होंगे, अनुष्ठान होंगे, जरूरतमंदों की सेवा कर श्रीराम की मानवता का संदेश देंगे।

 

पूर्व मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए। राममंदिर बनने से अयोध्या में विकास हुआ है। दीपोत्सव ने भी पर्यटन को बढ़ावा दिया है, ऐसे उत्सव से अयोध्या की न सिर्फ कीर्ति बढ़ती है, बल्कि आर्थिक द़ृष्टि से अयोध्या लाभान्वित होती है। ये खुशी मनाने का ही समय है, हम भी दीप जलाएंगे, उल्लास प्रकट करेंगे।


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